टीम इंडिया के कप्‍तान विराट कोहली फिटनेस पर काफी जोर देते हैं और कई बार वे इसकी अहमियत बता चुके हैं. यह किसी से छुपा हुआ नहीं है कि कई सालों से कोहली ने बटर चिकन और मसालेदार खाने को छुआ तक नहीं है. अब एक नए इंटरव्‍यू में कोहली ने एक बार फिर से फिटनेस की भूमिका को हाईलाइट किया है.

इंटरव्‍यू में उन्‍होंने कहा कि मोबाइल के ज्‍यादा उपयोग के चलते लोगों ने शारीरिक काम करना कम कर दिया है. उन्‍होंने कहा कि अगर वे पेशेवर क्रिकेट नहीं खेल रहे होते तो भी उनका जोर फिटनेस पर होता.

बकौल कोहली, ‘तकनीक और सोशल मीडिया मददगार होने की जगह अब नुकसानदेह होने लगे हैं. लोग इस बात को भूलने लगे कि उनके लिए क्‍या जरूरी है और उनके मानसिक और शारीरिक विकास के लिए क्‍या आवश्‍यक है. बच्‍चों को प्राथमिकताएं तय करनी होंगी. एक दिनचर्या बनानी चाहिए कि कब सोशल मीडिया पर जाना है. कब वीडियो गेम खेलने हैं और कब होमवर्क करना है.’

आईपीएल में आरसीबी के कप्‍तान कोहली ने कहा कि जैसे-जैसे वे फिट होने लगे उनकी सोच में सुधार हुआ. उनके फोकस, दृढ़ निश्‍चय को लेकर बदलाव आया. फिट होने से आपका आत्‍मविश्‍वास बढ़ता है.

इंटरव्‍यू में कोहली ने टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम अनुभव के बारे में बताया कि जिस दिन सलेक्‍शन कमिटी की बैठक थी उस दिन वह अपनी मां के साथ बैठे थे और न्‍यूज देख रहे थे. उनका टीवी पर फ्लैश हुआ लेकिन उन्‍होंने सोचा कि चैनल वाले शायद अफवाह फैला रहे हैं. पांच मिनट बाद बोर्ड से आया तब यकीन हुआ. इसके बाद वह कांप रहे थे. टीम मीटिंग में उनसे स्‍पीच देने को कहा गया. इतने सारे महान खिलाडि़यों की मौजूदगी में यह अनुभव हिला देने वाला था. वे सब उन्‍हें देख रहे थे. अब वे नए खिलाडि़यों के साथ ऐसा करते हैं और उन्‍हें नर्वस करते हैं.

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