इस बार से 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अगले साल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं की बोर्ड परीक्षा में छात्रों को लिखित एवं आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा में पास होने के लिए कुल 33 फीसद अंक ही लाने होंगे। सीबीएसई की तरफ से फरवरी 2018 में 10वीं बोर्ड की परीक्षा से पहले एक अधिसूचना जारी की गई थी कि पहले के नियम से छात्रों को रियायत दी जाएगी।

इसी प्रकार प्रैक्टिकल के 20 अंकों में से भी 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य था। लेकिन वर्ष 2018 की 10वीं बोर्ड परीक्षा में सीबीएसई ने विद्यार्थियों को पूर्व के नियम से रियायत दी थी । इसके अनुसार पास होने के लिए लिखित और प्रैक्टिकल दोनों मिलाकर 33 प्रतिशत अंक का ही नियम लागू किया गया था।

इसके जरिए छात्रों को लिखित और प्रैक्टिकल दोनों मिलाकर 33 फीसद अंक ही पास होने के लिए चाहिए होंगे। यानी कि छात्रों को पहले के नियम की तरह लिखित में 33 फीसद और प्रैक्टिकल में 33 फीसद अंक लाने की जरूरत नहीं होगी। बोर्ड की चेयरमैन अनीता करवाल ने फरवरी 2018 में कहा था कि ये नियम सिर्फ साल 2018 के छात्रों के लिए है। लेकिन उस वक्त ये नियम लागू नहीं किया गया। सीबीएसई के देश भर में 18,000 से ज्यादा स्कूल ,उम्मीद जताई जा रही है कि 2019 में सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा में 10 लाख से अधिक छात्र शामिल हो सकते हैं।

शैक्षणिक सत्र 2016- 17 तक बोर्ड परीक्षा के लिए निर्धारित कुल 80 और आंतरिक मूल्यांकन के 20 अंकों में से अलग-अलग 33 फीसद अंक लाने की अनिवार्यता थी। अब विद्यार्थियों को दोनों परीक्षाओं में अलग-अलग 33 फीसद अंक लाने से छूट मिलेगी। छात्र के यदि दोनों परीक्षाओं में कुल मिलाकर 33 फीसद अंक आते हैं तो उसे पास माना जाएगा। छात्रों के लिए थोड़ी मुश्किलें कम हुई ही। वो थोड़ा कम वर्ड प्रेशर से अब पढ़ सकेंगे। वरना आय दिन छात्रों की मुश्किलें बढ़ रही थी , वो गलत उठा लिए थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here