WHO- कोरोना की ‘तीसरी लहर’ के शुरुआती स्टेज ने दे दी है दस्तक, नए खतरनाक वेरिएंट से दुनिया में और कहर बरपा सकता है

COVID19 Special

विश्व स्वास्थ संगठन ने ऐलान कर दिया है कि कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है. हालांकि अभी ये शुरुआती स्टेज में है. विश्व स्वास्थ संगठन की आपातकालीन समिति ने गुरुवार को चेतावनी दी कि कोविड -19 के नए वेरिएंट के दुनिया भर में फैलने की आशंका है, जिससे महामारी को रोकना और भी कठिन हो जाएगा. समिति ने एक बयान में कहा, ‘महामारी कहीं भी समाप्त नहीं हुई है,’ नए और संभावित रूप से ज्यादा खतरनाक रूपों के उभरने और इसे वैश्विक रूप से फैलने की प्रबल आशंका है, जिसे रोक पाना और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

डेल्टा वैरिएंट की वजह से बढ़ रहे कोरोना के मामले कम वैक्सीनेशन की वजह से गंभीर हो रहे हैं. दुनिया के 56 देश ऐसे हैं जहां वैक्सीनेशन 5% से कम है. वैक्सीनेशन के मामले में भारत की स्थिति इससे थोड़ी बेहतर जरूर है, लेकिन भारत में तीसरी लहर के डर से इनकार नहीं किया जा सकता है. कोरोना का डेल्टा रूप ना सिर्फ भारत बल्कि दुनिया के कम से कम 111 देशों में नए केस और मौत की रफ्तार बढ़ा रहा है.

डेल्टा, कोरोना की तीसरी लहर का खतरा लेकर आ रहा है. WHO की आपातकालीन समिति ने यात्रा के लिए कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण के खिलाफ भी अपनी राय रखी है. बिना टीकाकरण के यात्रियों के प्रवेश पर रोक लगाने के नियम को लेकर छिड़ी बहस पर समिति ने अपने रुख पर कायम रहते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए कोविड-19 टीकाकरण के प्रमाण की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए.

स्वतंत्र विशेषज्ञों ने कहा कि कोविड-19 टीकों की सीमित वैश्विक पहुंच और असमान वितरण को देखते हुए, अंतरराष्ट्रीय यात्रा की अनुमति देने के लिए केवल टीकाकरण ही शर्त नहीं होनी चाहिए. विशेषज्ञों ने पहले कहा था कि टीकाकरण के प्रमाण की आवश्यकता असमानताओं को गहरा करती है और आने-जाने की असमान स्वतंत्रता को बढ़ावा देती है.

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने चीन को कोरोनावायरस महामारी की उत्पत्ति की जांच में बेहतर सहयोग करने के लिए भी कहा, जिसके पहले मामले दिसंबर 2019 में वुहान में देखे गए थे. टेड्रोस एडनॉम गैब्रियोसुस ने जिनेवा में एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “हमें उम्मीद है कि जो हुआ उसकी तह तक जाने के लिए बेहतर सहयोग होगा.” उन्होंने ऐसा विशेष रूप से रॉ डेटा तक पहुंच बनाने के लिए कहा जो अब तक अपर्याप्त है.

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि चीन में महामारी फैलने के शुरुआती दिनों में रॉ डेटा की कमी के चलते इसकी उत्पत्ति की जांच बाधित हो रही थी.

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