कोरोना के खिलाफ जंग में पूरी दुनिया अपने-अपने स्तर से लड़ाई लड़ रही है। पीएम मोदी ने भी भारत में इस कोरोना वायरस के महामारी को खत्म करने और उसके प्रकोप से देशवासियों को बचाने के लिए 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया है। हालांकि, इस दौरान गरीबों, जरूरतमंदों की मदद के लिए मोदी सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए, जिसकी वजह से भारत की तारीफ हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख टेड्रोस अदनोम ग्रेब्रियेसस ने गुरुवार को 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान समाज के गरीब व कमजोर लोगों की मदद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की।

विश्व स्वास्थ्य संगठन चीफ टेड्रोस ने एक ट्वीट में कहा कि वह ऐसे कठिन समय में जरूरतमंदों की मदद करने के लिए मोदी के 1.70  लाख करोड़ रुपये के प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की सराहना करते हैं। उन्होंने ट्वीट किया,’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोविड-19 संकट के दौरान भारत की कमजोर आबादी को राहत देने के लिए घोषित 24 अरब डॉलर के पैकेज में सराहना करता हूं।’

उन्होंने इस राहत में शामिल चीजों का भी जिक्र किया और कहा, ‘इसमें 8० करोड़ वंचित लोगों के लिए मुफ्त भोजन का राशन, 20.4 करोड़ गरीब महिलाओं को नकद हस्तांतरण, आठ करोड़ घरों के लिए मुफ्त खाना पकाने की गैस शामिल है।’ बता दें कि वित्त मंत्री ने 26 मार्च को कोरोनावायरस लॉकडाउन के प्रभाव से निपटने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन की घोषणा की थी।

विश्व स्वास्थ्य निकाय के प्रमुख ने कहा, ‘विभिन्न देश कोविड-19 के प्रसार को सीमित करने के लिए लोगों को उनके घरों में रहने और बड़ी संख्या में एकत्रित नहीं होने को कह रहे हैं। इन कदमों के परिणाम गरीब और सबसे कमजोर वर्ग के तबकों के लिए अनपेक्षित हो सकते हैं। मैं इस संकट के दौरान आबादी को भोजन और जीवन के लिए जरूरी चीजों को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के लिए देशों से आह्वान करता हूं।’ भारत सरकार इस सप्ताह और आने वाले हफ्तों में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 27,5०० करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज को वितरित करने के लिए तैयार है।

Sources:-Hindustan

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