पिता का अंतिम संस्कार कर IPL में पंत ने खेली थी साहसिक पारी, सचिन-विराट जैसी दिखाई थी जीवटता !!

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आईपीएल 2018 में गुरुवार को खेले गए एक मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने मेजबान दिल्ली डेयरडेविल्स को 9 विकेट से करारी शिकस्त दी। भले ही मैच SRH ने अपने नाम किया हो लेकिन दिल युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत ने जीत लिया। आईपीएल के इतिहास में ऋषभ पंत सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले शीर्ष भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। पंत ने नाबाद 128 रन बनाए।

एक ओर जहां पंत ने अपनी 63 गेंदों पर 15 चौकों और सात छक्को वाली पारी से एक बार फिर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा तो गत वर्ष का आईपीएल भी वह जिंदगी भर नहीं भूल सकते। 2017 में आईपीएल के दौरान ऋषभ पंत ने अपने पिता को खोया था। पिछले साल 4 अप्रैल को ऋषभ के पिता का आकस्मिक निधन हो गया था। अंतिम संस्कार के लिए उन्हें टीम का साथ छोड़कर अपने गृहनगर रुड़की (उत्तराखंड) जाना पड़ा।

महज 20 की उम्र में सिर से पिता का साया उठ जाना किसी भी युवा के लिए सदमे से कम नहीं हो सकता। ऐसी विपरित परिस्थितियों में भी हार न मानते हुए जीवट ऋषभ ने न सिर्फ पिता का अंतिम संस्कार किया बल्कि लौटते ही अपनी टीम दिल्ली डेयरडेविल्स के लिये बेहतरीन पारी खेल डाली थी।

तब 158 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की टीम के 55 रनों पर 3 विकेट गिर चुके थे। टीम मुश्किल में थी, तभी ऋषभ पंत क्रीज पर आए। पिता का दुख, मानसिक दबाव और विपरित हालातों के बावजूद उन्होंने खेल के प्रति अपना समर्पण दिखाते हुए 36 गेंदों की अपनी पारी में 57 रन बनाए थे। हालांकि उनकी टीम को उस वक्त हार का सामना करना पड़ा था।

दिल में पिता की याद लेकर खेली अपनी इस तूफानी पारी के बाद पंत ने सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की याद दिला दी थी। भारतीय क्रिकेट में माता/पिता की मौत के तुरंत बाद मैदान पर आकर शानदार खेल दिखाने वालों में पहला नाम सचिन तेंदुलकर का आता है। 1999 विश्व कप के दौरान उनके पिता की मौत हो गई थी, पिता का अंतिम संस्कार कर सचिन दोबारा इंग्लैंड लौटे और केन्या के खिलाफ 140 रन की शानदार पारी खेल डाली।

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने भी अपनी युवावस्था में कुछ ऐसा ही जज्बा दिखाया था। 19 दिसंबर 2006 को ब्रेन स्ट्रोक के कारण विराट के पिता का देहांत हो गया। तब महज 18 साल के विराट कनार्टक के खिलाफ रणजी मैच खेल रहे थे, वह 40 रन पर नाबाद थे और उसी रात उनके पिता की मौत हो गई।

सभी ने सोच लिया था कि अब चीकू मैच में नहीं खेलेगा, लेकिन सभी को आश्चर्यचकित करते हुए विराट न सिर्फ मैदान पर उतरे बल्कि 90 रन की यादगार पारी खेलकर पिता की चिता को अग्नि देने गए।

आईपीएल में लगाए अपने इस शतक और भारतीय टी-20 टीम में स्थान बनाने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ऋषभ किस तरह अपने करियर को आगे बढ़ाते हैं। वैसे इतने बड़े इंटरनेशनल टूर्नामेंट में महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करके भी उन्हें काफी कुछ सीखने का मौका मिलेगा।

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