आज अटलजी की पुण्यतिथि पर हम आपको बता रहे हैं अटलजी से जुड़े कुछ ऐसे किस्से जिन्हें जानकर आप भी उनकी बहादुरी को सलाम करेंगे। कंधार कांड को तो दुनिया जानती है लेकिन एक और हाइजैकिंग का मामला है जिसे कम ही लोग जानते हैं।

घटना 22 जनवरी 1992 की है, जब लखनऊ से दिल्ली की उड़ान भर रही इंडियन एयरलाइन्स के विमान को एक शख्स ने हाईजैक कर लिया। उप्र की राजधानी से करीब 15 मिनट की उड़ान के बाद भी फ्लाइट में एक युवक ने अपने हाथ में कैमिकल बम होने का दावा किया और विमान को वापस लखनऊ की ओर मोडने की बात कही। युवक की इस हरकत से फ्लाइट में सन्नाटा छा गया। विमान के पायलट ने विमान हाइजैंकिग की सूचना लखनऊ ATS को दी और विमान को कुछ देर हवा में उड़ाने के बाद वापस लखनऊ एयरपोर्ट पर उतार दिया।

लखनऊ में विमान हाइजैकिंग की घटना से अधिकारियों से लेकर सरकार तक में खलबली मच गई। पायलट ने प्लेन को लैंड करवा कर उसे एयरपोर्ट के एक कोने में पार्क कर दिया। एयपोर्ट पर उतरने तक किसी को पता नहीं था कि हाइजैकर आखिर चाहता क्या है। सभी यात्री अपनी अपनी सीट पर चुपचाप बैठे थे। उत्तर प्रदेश में उस दौरान राष्ट्रपति शासन लागू था और विपक्ष के दमदार नेता अटल जी भी संयोग से उस दिन लखनऊ में ही थे।

वे गेस्ट हाउस में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर खाना खा रहे थे तभी लखनऊ के उस समय के DM हांफते हुए कमरे में आए और प्लेन हाइजैक होने की सूचना दी। डीएम अशोक प्रियदर्शी ने कहा कि अटलजी इस वक्त आपका एयरपोर्ट चलना जरूरी है क्योंकि 48 जिंदगियों का सवाल है। कमरे में अटल जी के साथ लालजी टंडन मौजूद थे उन्होंने खाना खा लेने का आग्रह किया लेकिन तबतक अटल बिहारी वाजपेयी खाना छोड़कर उठ चुके थे।

अटल जी ने अपने खाने का पहला ही निवाला डाला था लेकिन डीएम की बात सुनते ही खाना छोड़ा और चुपचाप निकल पडे। प्लने को हाइजैक करने वाला शख्स लगातार एटीसी में बैठे पुलिस अधिकारियों से संपर्क में था पर अटलबिहारी वाजपेयी से बात कराने की मांग के अवाला किसी और बात पर तैयार ही नहीं था, उसकी लगातार एक ही मांग थी कि अटल जी लाइन पर आए और वो अपनी मांग सिर्फ अटल बिहारी वाजपेयी को ही बताएगा।

अटलजी ने उससे बात की लेकिन उसने अटलजी की आवाज पहचानने से इनकार कर दिया और कहा कि अटल खुद प्लेन में आए। अब प्लेन में जाना हानिकारक भी हो सकता था क्योंकि वो शख्स अटलजी पर हमला भी कर सकता था लेकिन अटलजी ने अपनी जान की परवाह किए बिना प्लेन के भीतर जाने का फैसला किया।

अटल जी के प्लेन में घुसते ही प्लेन के भीतर बैठे लोगों में भी जोश आ गया. अब सामने वो अपहरणकर्ता था उसके ठीक सामने अटल बिहारी बाजपेयी खड़े थे। इस वक्त तक अटल बिहारी के साथ उसके सुरक्षाकर्मी भी घुस चुके थे। हाइजैकर ने अटलजी को देखकर उनके पैर छू लिए। जैसे ही वाजपेयी के पांव छूने झुका सुरक्षाकर्मियों नें चारों ओर से उसे जकड़ लिया।

जैसे ही हाइजैकिंग का ऐपिसोड खत्म हुआ लालजी टंडन की नजर कई ऐसे लोगों पर पड़ी जो बड़े राजनीतिक चेहरे थे इसमें से सबसे बड़ा नाम सीताराम केसरी का था जो कांग्रेस के कोषाध्यक्ष थे और चुपचाप पूरे हाईजैकिंग के दौरान बैठे रहे।

Sources:-Live News

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