वसीम अकरम, विश्व क्रिकेट का एक ऐसा नाम जिसे सुनते ही बल्लेबाजों के होश उड़ जाया करते थे. विकेट के सामने अंदर बाहर लहराती गेंद से किसी तरह खुद को बल्लेबाज बचा भी ले तो यॉर्कर उनके धैर्य में सेंध लगा जाता था. रिवर्स स्विंग के मामले में तो उनके सामने कोई आज भी नहीं ठहरता.

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और विश्व के महान गेंदबाज वसीम अकरम आज 52 साल के हो गए हैं. लाहौर की गलियों से चल कर विश्व को अपने गेंदबाजी का कायल बनाने वाले वसीम के नाम विश्व क्रिकेट में कई रिकॉर्ड दर्ज हैं.

अकरम के रिकॉर्ड

अकरम वनडे क्रिकेट में 300,400 और 500 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने थे. तो वहीं दोनों फॉर्मेट में चार बार हैट-ट्रिक लेने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है(लसिथ मलिंगा के साथ). अकरम वैसे खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें घरेलू क्रिकेट का कोई अनुभव नहीं होने के बाद भी राष्ट्रीय टीम में जगह मिल गई. 1985 में गद्दाफी स्टेडियम में चल रहे कैंप में पहले दो दिन अकरम गेंदबाजी करने के लिए तरस गए थे लेकिन फिर तीसरे दिन ऐसी गेंदबाजी की कि जावेद मियांदाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में शामिल कर लिया. अकरम ने करियर के दूसरे टेस्ट मैच में ही न्यूज़ीलैंड के खिलाफ दस विकेट लेने का कारनामा कर अपनी पहचान बनाई. 2003 में विजडन ने अकरम को वनडे क्रिकेट का नंबर वन गेंदबाज माना था.

 

गेंदबाजी में कई रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले अकरम ने टेस्ट क्रिकेट में एक बार ऐसी बल्लेबाजी की कि 22 साल बाद भी विश्व रिकॉर्ड नहीं टूट पाया.

17 अक्टूबर 1996 को पाकिस्तान के शेखपुरा में टेस्ट शुरू हुआ. जिम्बॉब्वे ने पहली पारी में 375 रन बना डाले. ग्रांड फ्लावर ने 110 रनों की पारी खेली थी. अपने ही घर में पाकिस्तान की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई. देखते ही देखते 183 पर 6 और 237 पर टीम का सातवां विकेट पवेलयिन पहुंच चुका था. अकरम बल्लेबाजी कर रहे थे और उनका साथ देने आए थे दिग्गज ऑफ स्पिनर सकलैन मुश्ताक. दोनों ने मैच में पाकिस्तान की शानदार वापसी कराई. अकरम कुछ अलग ही मूड में थे और जिम्बॉब्वे के गेंदबाजों की जमकर धुनाई कर रहे थे. 8वें विकेट के लिए दोनों ने 313 रनों की रिकॉर्डतोड़ साझेदारी की. सकलैन ने 79 रनों की पारी खेली लेकिन अकरम विश्व रिकॉर्ड बनाने के मूड में थे. पाकिस्तान की पूरी टीम 553 पर आउट हुई लेकिन अकरम 257 रन बनाकर नॉटआउट ही रहे. अपनी पारी में अकरम ने 22 चौके लगाए लेकिन छक्के इतने मारे जो आज भी रिकॉर्ड है. अकरम के बल्ले से उस मैच में 12 छक्के निकले जो टेस्ट इतिहास में किसी बल्लेबाज द्वारा एक पारी में लगाया गया सबसे अधिक छक्का है.

19 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में वसीम अकरम ने 104 टेस्ट और 356 वनडे में कुल मिलाकर 916 अंतरराष्ट्रीय विकेट (टेस्ट में 414 और वन-डे में 502) हासिल किए.

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