बनना चाहता था दारोगा, लेकिन पैसे की तंगी ने बना दिया अपराधी

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पटना: पुलिस ने छात्र के अपहरण मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर बच्चे को रिहा करवा लिया है। पुलिस ने यह कामयाबी 12 घंटे के भीतक कार्रवाई करते हुए हासिल की। दरअसल, मंगलवार को सोनपुर बस स्टैंड से स्कूल जा रहे बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। अपहृत बच्चे का नाम सन्नी कुमार (13 साल) है। अपहरण छात्र सोनपुर का रहने वाले ललन कुमार का बेटा है जो पेशे से सड़क ठेकेदार हैं।

60 लाख रुपये की फिरौती की मांग 
वहीं, इस किडनैपिंग के बाद किडनौपरों ने 60 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। इस मामले में पटना पुलिस और सारण पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पांच अपहर्ताओं को गिरफ्तार किया है। साथ ही इस घटना में संलिप्त एक और अपहर्ता की तलाश अभी जारी है। अपहरण छात्र को भी पुलिस ने सही सलामत बरामद कर लिया है।

टीम गठित कर पुलिस ने की कार्रवाई
आपको बता दें कि घटना के बाद से ही सारण पुलिस को होश उड़े हुए थे। बच्चे की किडनैपिंग की सूचना के बाद सारण पुलिस ने पटना पुलिस से संपर्क किया। पटना एसएसपी मनु महाराज ने बिना देर किए एक टीम गठित की। टीम ने बहादुरपुर के गुप्ता लॉज में छापेमारी को कर दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। जो किडनैपिंग में शामिल थे।

पिस्टल समेत दो चक्र जिन्दा कारतूस बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को अहम सबूत हाथ लगे। गिरफ्तार अपहर्ताओं के पास से पुलिस ने किडनैप बच्चे के कपड़े और हथियार बरमाद किए। गिरफ्तार अपराधियों के पास से पिस्टल समेत दो चक्र जिन्दा कारतूस भी बरामद किया गया है।

कारगिल चौक से बच्चा बरामद
किडनैप बच्चा सीतामढ़ी के कारगिल चौक इलाका के शाहिदा लॉज से बरमाद किया गया। अपने बच्चे के सकुशल रिहाई के बाद अपहृत बच्चे के परिजनों ने एसएसपी को बहुत-बहुत बधाई के साथ शुभकामनाएं भी दी।

दरोगा बनना चाहता था अपराधी
वहीं, इस अपहरण काण्ड को अंजाम देने वाले एक अपराधी राहुल ने कहा कि वह दरोगा बनना चाहता था। लेकिन पैसे की तंगी की वजह से वो अपराध की दुनिया में आ गया।

source: etv bihar

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