वीटीआर से भटककर रिहायशी इलाके में पहुंचा दूसरा बाघ, गांव से नदी तक मिले पंजों के निशान

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बीते दिनों रामनगर के बलुआ में आदमखोर बाघ के मारे जाने के बाद वीटीआर के गोवर्धना वन क्षेत्र के गौनाहा के सेंथौल गांव के सरेह में शुक्रवार को दूसरा बाघ को देखा गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी। वाल्मीकि टाइगर रेंज के गोवर्धना वन क्षेत्र के रेंजर सुजीत कुमार ने बाघ के वीटीआर के जंगल में लौट जाने का दावा किया है। बलुआ से सेंथौल की दूरी करीब 15 किलोमीटर है।

रेंजर ने बताया कि सैंथौल गांव के सरेह में बाघ के पंजों के निशान मिले हैं। ग्रामीणों ने इसकी सूचना गुरुवार को दी थी। वन विभाग के कर्मियों ने बाघ के पगमार्क को ट्रैक किया है। कर्मचारी हरदी शाहजहांपुर तक गये। हरदी गांव के पास गांगुली नदी के बाद बाघ का पगमार्क नहीं मिला। शुक्रवार सुबह एक बार फिर वनकर्मी ट्रैकिंग करने गए थे। ट्रैकिंग के बाद वनकर्मियों ने बताया कि बाघ के पंजों के निशान जंगल की तरफ गांगुली नदी होते हुए प्रवेश करते मिले हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि बाघ रिहायशी इलाकों को छोड़कर जंगल में प्रवेश कर गया है। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में वनकर्मी नियमित गश्त लगा रहे हैं।

बीते दिनों वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से रिहायशी इलाके में घुसे आदमखोर बाघ की तलाश में जुटी टीम बाघ को नहीं पकड़ सकी थी। अंत में बाघ को मार दिया गया। इसके बाद से स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। दूसरे बाघ की सूचना इलाके में आग की तरह फैल गई है। स्थानीयों ने बताया कि डर के चलते लोग अपने खेतों में भी नहीं जा पा रहे हैं।

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