भारतीय रेल को मिली विस्टाडोम की बड़ी उपलब्धि, कांच की पारदर्शी छत और चौड़ी खिड़कियां हैं खास आकर्षण

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बीते महीने पूर्व रेलमंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट किया था, जिसमें रेल के डिब्बों का वीडियो था. ये विस्टाडोम कोच हैं जो रेलवे की नई पहल है. भारतीय रेल के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई. इसने विस्टाडोम कोच तैयार किया है, जो ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के सफर को न केवल आरामदेह, बल्कि यादगार भी बना देगा. ये पर्यटन स्थलों की यात्रा को बेहद यादगार बनाने के मकसद से हुई शुरुआत है. उम्मीद की जा रही है कि इससे न केवल लोग प्रकृति के और करीब आएंगे, बल्कि भारतीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. विस्टाडोम कोच ऐसे डिब्बे हैं, जिनमें चौड़ी खिड़कियां हैं और छतें भी कांच की हैं. पारदर्शी छत इसका खास आकर्षण है, जिससे यात्री पूरे रास्ते प्रकृति का आनंद ले सकेंगे.

कोच में यात्रियों के लिए कुल 44 सीटें हैं. ये सीटें आरामदायक तो हैं ही, पैर फैलाने के लिए भी काफी स्पेस है. ऐसे में बच्चों से लेकर बड़ी उम्र के लोग आराम से सफर कर सकते हैं. लेकिन सीटों की सबसे बड़ी खासियत है कि इन्हें चारों ओर घुमाया जा सकता है. यानी यात्री सामने की ओर मुंह करके बैठने को मजबूर नहीं होगा, बल्कि जिस दिशा में चाहे, देख सकेगा.

कोच में पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम के अलावा वाईफाई होगा, ताकि लोग काम या मनोरंजन भी कर सकें. साथ ही यहां पर दरवाजे ऑटोस्लाइडिंग की तकनीक पर काम करेंगे. यानी दरवाजों को छूने या ताकत लगाने की जरूरत नहीं, बल्कि ये सेंसर पर काम करते हुए किसी के आने-जाने पर खुद ही खुल जाएंगे. शारीरिक तौर पर दिव्यांग लोगों का भी यहां ध्यान रखा गया है और डोर इतने चौड़े हैं कि व्हील चेयर आसानी से आ जाए.

आमतौर पर रेल में सफर करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी टॉयलेट में साफ-सफाई को लेकर होती है. इस मॉडर्न कोच में इसका भी ध्यान रखा गया. ये मॉड्युलर टॉयलेट इको फ्रेंडली होंगे और इनमें लगातार साफ-सफाई चलेगी ताकि किसी भी यात्री को असुविधा न हो. इसमें बायो टैंक होगा ताकि ट्रैक पर गंदगी न हो.

हर कोच में मोबाइल या लैबटॉप चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट हैं. ये ऊपर की ओर नहीं, बल्कि सीट में हत्थे के पास होंगे जो कि ज्यादा सुविधाजनक है. साथ ही डिजिटल डिस्प्ले तकनीक होगी, जिससे स्पीकर जुड़ा होगा ताकि यात्री मनोरंजन कर सकें.

पैसेंजरों के खानपान का भी पूरा ध्यान रखा गया है. यहां रिफ्रेशनेंट एरिया होगा. एक सर्विस एरिया होगा जहां हॉटकेस होगा, साथ में माइक्रोवेव रखा होगा, ताकि यात्री गर्म खाना खा सकें. कॉफी मेकर भी होगा. इसके अलावा एक फ्रिज तक है ताकि ठंडे पेय का आनंद लिया जा सके.

लगभग 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली रेलों के विस्टाडोम कोच में एक लाउंज भी होगा. अगर कोई यात्री अपनी सीट पर नहीं बैठना चाहता और खड़ा होकर प्राकृतिक नजारा देखना चाहे तो वो लाउंज में आ सकता है. इसके साथ ही कोच में हर उम्र के यात्री बगैर किसी परेशानी से सफर कर सकें, इसके लिए हर कोच में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है ताकि हर मूवमेंट पर नजर रखी जा सके. इससे सेफ यात्रा सुनिश्चित हो सकेगी.

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