वीरान-अंधेरे रास्ते को डरे-सहमे पार करें तब दिखेगा लेजर लाइट से जगमग स्टेशन; पहुंचे तो पार्किंग वाले करेंगे परेशान

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दिन बुधवार। रात के 11 बजे हैं। राजधानी का मॉडल स्टेशन पाटलिपुत्र का मेन बिल्डिंग पल-पल रंग बदलती लेजर लाइटिंग से जगमग है। लेकिन, बाहर सर्कुलेटिंग एरिया में ऑटो व टैक्सीवालों को छोड़ इक्के-दुक्के यात्री ही दिखे। सुरक्षाकर्मी नहीं दिखे। पता चला कि रात में हर दिन कमोबेश इसी तरह का नजारा होता है। स्टेशन पहुंचने के लिए बेली रोड रूपसपुर ओवरब्रिज के नीचे के रास्ते में एक-दो जगह खतरनाक अंधेरे के साथ सन्नाटे का आलम है।

इधर एक नंबर प्लेटफॉर्म पर कई यात्री ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। पता चला कि 12423 डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस आनेवाली है। यह ट्रेन आज लेट है। ट्रेन लेट होने से कई यात्री झल्ला रहे थे। कंकड़बाग से आई थीं दो बहनें रोजी और खुशबू। कैसे पहुंची? यह पूछते ही फट पड़ी दोनों। कहने लगी-दिल्ली की हूं। पहली बार पटना आई थी। कंकड़बाग से ओला कैब लेकर स्टेशन पहुंची।

 

रास्ते में काफी जाम मिला। यहां आकर रोड पर ही उतरी, गाड़ी अंदर गई भी नहीं थी कि पार्किंग वालों ने 40 रुपए वसूल लिये। विरोध जताने पर बदतमीजी भी कर रहे थे। बड़ी पहाड़ी से आए थे आकाश कुमार दिल्ली जाने के लिए। बताया कि अपनी गाड़ी से पहुंचे हैं स्टेशन। क्या करते कोई डायरेक्ट सवारी नहीं मिलती यहां के लिए। रास्ता इतना घुमावदार है कि पहली बार आने वाले को काफी पूछना पड़ेगा।

 

यहां से सिटी बस सेवा तो देनी ही चाहिए

अगमकुआं से पहुंचे अभिनव चौधरी ने बताया कि राजेंद्रनगर तेजस राजधानी से टिकट था, पर जाम में फंसने की वजह से वह ट्रेन छूट गई। फिर किसी तरह टिकट की व्यवस्था कर पाटलिपुत्र पहुंचे हैं डिब्रूगढ़ राजधानी पकड़ने। दिल्ली में दोस्त की शादी है। बस सेवा नहीं रहने से काफी परेशानी हुई। सुधांशु ने कहा कि स्टेशन के शुरू हुए करीब छह साल हो गए। चार-पांच बार यहां से गाड़़ी पकड़ने आया हूं, लेकिन स्टेशन पहुंचने की व्यवस्था में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। इसी बीच रात के 11:05 बजे डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस आ गई और यात्री ट्रेन में सवार होने लगे।

आइए…आइए पटना जंक्शन…लेकिन, रात में यही किराया लगेगा

ट्रेन से करीब 35-40 लोग उतरे होंगे। बाहर निकले और सर्कुलेटिंग एरिया में सन्नाटे का आलम देख किसी तरह जल्दी-जल्दी अपने घर या गंतव्य तक पहुंचने के लिए ऑटो वालों की चिरौरी करने लगे। ऑटो वाले चिल्ला रहे थे-आइए…आइए पटना जंक्शन..। एक यात्री ने पूछा-कितना किराया लोगे, तो बोला 50 रुपए। खाजपुरा शिव मंदिर तक पहुंचाने के लिए 40 रुपए मांग रहे थे। पटना जंक्शन तक कहीं भी रिजर्व में जाने के लिए 250 रुपए मांग रहे थे। इतना ज्यादा क्यों मांग रहे हैं, तो एक ऑटो वाले ने तपाक से कहा-रात में यही किराया है।

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