विदेश से बिहार आने वाले दे रहे चकमा, कोरोना के नए स्‍ट्रेन का बढ़ा रहे खतरा

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कोरोना के नए खतरनाक वैरियंट ओमीक्रोन की रोकथाम के उपायों में लापरवाही भारी पड़ सकती है। एक ओर ओमीक्रोन प्रभावित देशों से आने वाले प्रवासियों को चिह्नित कर उनकी जांच करने की रफ्तार धीमी है तो वहीं रिपोर्ट आने तक उन्हें क्वारंटाइन नहीं किया जा रहा है। केंद्र सरकार अबतक प्रभावित देशों से पटना आए 560 लोगों की सूची भेज चुकी है, लेकिन इनमें से सिर्फ 65 के ही नमूने लिए जा सके हैं। इनमें से भी सिर्फ 26 की ही रिपोर्ट आई है। हालांकि, राहत है कि सभी की रिपोर्ट निगेटिव है। जिले में अब तक विदेश से लौटे किसी व्यक्ति को क्वारंटाइन नहीं किया गया है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लोगों को आठ दिन तक होम आइसोलेशन में रहने की ताकीद की गई है।

जांच से बच रहे विदेश से आए लोग 

सिविल सर्जन डा. विभा कुमारी सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार जिन लोगों की सूची भेज रही है, उनमें से अधिकतर लोग सीधे पटना नहीं आए हैं। बहुत से लोग दिल्ली-नोएडा आदि में होने की बात कह रहे हैं और आने की सूचना देने के बजाय चुपचाप गांव या अन्य स्थान निकल जा रहे हैं। इसे देखते हुए जिन लोगों के पास 72 घंटे पहले तक की निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट है, उन्हें छोड़कर एयरपोर्ट पर बाहर से आने वाले सभी लोगों की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार को एयरपोर्ट पर सौ और स्टेशनों पर 242 यात्रियों की जांच की गई है।

 

गुरुवार को एयरपोर्ट और टीमें तैनात कर इसकी संख्या दोगुनी से अधिक की जाएगी। विदेश से आने वालों की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट आने तक उन्हें क्वारंटाइन करने का

सख्ती से पालन करने पर तलाश कर जांच करना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में उन्हें रिपोर्ट आने तक और निगेटिव आने के बावजूद आठ दिन तक होम आइसोलेशन में रहने की ताकीद की जा रही है। यदि, कोई पाजिटिव आता है तो उसे पीएमसीएच, एनएमसीएच या आइजीआइएमएस में भर्ती कराने के साथ जीन सीक्वेंङ्क्षसग के लिए नमूना भेजा जाएगा।

सिविल सर्जन ने बुधवार को राधास्वामी सत्संग भवन और कंगन घाट में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर के अलावा सभी प्राथिमक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को आक्सीजन कंसेट्रेटर व सिलेंडर भरवा कर आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा पाटलिपुत्र स्पोट्र्स काम्प्लेक्स के कोविड केयर सेंटर को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

ओमीक्रोन प्रभावित देशों से लौटे लोगों की जल्द शिनाख्त कर उनकी आरटी-पीसीआर जांच कराने के लिए जिले में पांच मोबाइल टीमें बनाई गईं हैं। सभी को हर दिन 25-25 लोगों के नमूने लेने का निर्देश दिया गया है। इनकी रिपोर्ट को प्राथमिकता में मंगवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि, बुधवार को पांच टीमें मिलकर महज 33 लोगों को चिह्नित कर उनका नमूना ले पाईं। इसका कारण अधिकतर लोगों द्वारा किसी कार्य से जिले से बाहर होना या पासपोर्ट में गलत पता होना बताया जा रहा है।

 

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