विदेश में पढ़ता है बेटा, फ्लैट को बनाया फाइव स्टार होटल, कई शेल कंपनियां… EOU का पटना के एसवीआई रहे मृत्युंजय के यहां छापा

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पटना के एसवीआई रहे मृत्युंजय कुमार सिंह के गोला रोड के फ्लैट को देखकर ईओयू के अधिकारी भी चकरा गए। फ्लैट की भव्यता देख उन्हें लगा कि वे फाइव स्टार होटल में आ गए हैं। उनके लिए यह यकीन करना मुश्किल हो रहा था कि यह एक एमवीआई का फ्लैट है।

 

हर सुख-सुविधा से संपन्न है फ्लैट

मृत्युंजय सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करने के बाद मंगलवार को ईओयू की टीम ने उनके चार ठिकानों की तलाशी ली। इसमें फार्मेसी कॉलोनी (गोला रोड) के आरके सदन अपार्टमेंट का फ्लैट न. 701 भी है। इसे पेंट हाउस का नाम दिया गया है। यहां छापेमारी का नेतृत्व ईओयू के एएसपी, एएस ठाकुर कर रहे थे।

 

जब टीम वहां पहुंची को ताला लगा पड़ा था। न तो मृत्युंजय कुमार सिंह थे न ही उनके परिवार को कोई सदस्य। लिहाजा रूपसपुर थाना और दंडाधिकारी की मौजूदगी में ताला खोलकर तलाशी ली गई। फ्लैट में जाते ही उसकी भव्यता ने अफसरों को चकाचौंध कर दिया। देखते ही जुबां से निकला, यह तो फ्लैट नहीं फाइव स्टार होटल है। 

 

लाखों नहीं बल्कि उसकी सजावट पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं। ईओयू ने फ्लैट की कीमत 2.50 करोड़ आंकी है। हालांकि इसका खरीद मूल्य मात्र 49 लाख रुपए ही दर्शाया गया है। माना जा रहा है कि फ्लैट खरीदने के बाद उसकी साज-सज्जा पर जमकर रुपए खर्च किए गए। 

 

एमवीआई के तौर पर भ्रष्ट कार्यकलापों के लिए रहे चर्चित

मृत्युंजय कुमार सिंह एमवीआई के रूप में अपने भ्रष्ट कार्यकलापों को लेकर चर्चा में रहे हैं। वह पटना के अलावा गया आदि जिलों में भी इस पद पर रहे। ईओयू के मुताबिक अपने भ्रष्ट आचरण को लेकर ये चर्चा में रहे और इनपर अनेक आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने भ्रष्ट तरीके से काफी काली कमाई अर्जित की।

 

स्वयं के अलावा पत्नी और दो साले के विभिन्न बैंक खातों में चेन ट्रांसफर करते हुए अचल संपत्तियों का छदम हस्तांतरण किया गया। शेल कंपनी (फर्जी कंपनी) बनाई गई और उसके नाम पर परिसंपत्तियां अर्जित करते हुए कालेधन को सफेद बनाने का पूरा प्रयास किया गया। 

बेटा विदेश में कर रहा पढ़ाई

मृत्युंजय कुमार सिंह न सिर्फ जमीन-मकान और दूसरे चीजों में अपनी काली कमाई खपाई बल्कि बेटे को भी पढ़ने के लिए विदेश भेज रखा है। ईओयू के मुताबिक उनका पुत्र विदेश में मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहा है।  

 

सीओ रहे वकील प्रसाद सिंह ने रांची के नामकुम में बना रखा है मकान

बिक्रम के तत्कालीन अंचलाधिकारी (सीओ) पर भी बालू के अवैध खनन और परिवहन से मोटी कमाई करने का आरोप है। ईओयू की जांच में आय से अधिक संपत्ति पाए जाने के बाद पटना के गोला रोड के सूर्य चंद्र विहार अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 202 और रोहतास के बड़डी थाने के मझुई स्थित पैतृक घर की तलाशी ली गई।

 

ईओयू के मुताबिक वकील प्रसाद सिंह ने स्वयं के नाम पर पटना के गोला रोड में फ्लैट खरीदा है जिसकी कीमत 12 लाख रुपए दर्शायी गई है। वहीं रांची के नामकुम स्थित सरला विरला स्कूल के पास स्वयं और पत्नी के नाम पर 10 डिसमिल जमीन पर मकान भी बनाया है। जमीन की कीमत 9.20 लाख जबकि मकान की अनुमानित कीमत 25 लाख रुपए है। 

 

ईओयू के मुताबिक वकील प्रसाद सिंह की नियुक्ति 1999 में योजना एवं विकास विभाग में हुई थी। इनकी कुल चल-अचल संपत्ति 77.10 लाख की है जबकि सेवा अवधि में इनकी कुल कमाई 74.90 लाख रुपए है। उनका कुल व्यय करीब 60.94 लाख पाया गया। इस हिसाब से उनके पास आय से 63,14, 000 रुपए की अधिक परिसंपत्तियां पाई गई।

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