वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में एक और तेंदुए की मौत, वन अधिकारियों ने कहा – चीते से लड़ाई में हुई मौत

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बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में संदिग्ध हालत में एक तेंदुए की मौत हो गयी। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चीते के साथ संघर्ष में तेंदुए की मौत हुई है। पिछले कुछ महीनों में ये लगातर तीसरे तेंदुए की मौत है। इसके चलते लगातार शंकाएं उठ रही हैं। तेंदुए की मृत्यु की पुष्टि करते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि VTR वाल्मीकिनगर वन रेंज में भालू थापा (कंपार्टमेंट नंबर टी -38) के पास तेंदुए का शव बरामद किया गया।
वाइल्ड लाइफ संरक्षक और फील्ड डायरेक्टर डॉक्टर नेशमणि ने कहा कि पहली नजर में ये मामला चीते के साथ हुए झड़प का लगता है। तेंदुए के शरीर पर कई निशान हैं। हालांकि कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद हो पाएगी।

पेट्रोलिंग के दौरान मिली तेंदुए की लाश 
वन अधिकारियों को घटना के बारे मेंरविवार शाम पता चला। वनाधिकारों ने क्षेत्र की नियमित जांच के दौरान तेंदुए को मृत पड़ा देखा। इससे पहले भी इस प्रकार की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

विसरा का होगा फोरेंसिक परीक्षण
नर तेंदुआ करीब चार साल का था। मौत के कारणों की जानकारी के लिए तेंदुए के विसरा को फोरेंसिक परीक्षण के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली और भारतीय वन्यजीव संस्थान  देहरादून भेजा जाएगा।

घट रही है तेंदुओं की आबादी 
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में बड़ी बिल्लियों की प्रजाति के जानवरों की अनुमानित आबादी 40 है जबकि तेंदुओं की कुल संख्या 98 है। पिछले कुछ समय में तेंदुओं की संख्या घट रही है।

तेंदुए की हत्या की यह पहली घटना नहीं है। इस साल 13 मई को वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वाल्मीकिनगर वन रेंज के पटिरहिया जंगल में कंपार्टमेंट नंबर एम-26 से एक वन अधिकारी ने तेंदुए का शव बरामद किया था। इससे पहले 31 दिसंबर, 2021 को वाल्मीकि टाइगर रिजर्व  के गोवर्धन वन रेंज के अंतर्गत सोनबर्षा गांव में एक गन्ने के खेत से एक तेंदुए का शव बरामद किया गया था।

 

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