बहुत खूबसूरत है बिहार का वाल्मिकीनगर !!

इतिहास

कौन कहता है कि बिहार में घूमने की जगह नहीं है? बिहार को करीब से देखिए तो पता चलेगा यहां इतनी सारी बेहतरीन घूमने की जगहें हैं कि शायद अगर कोई घूमना शुरू करे तो कहीं और जाने की इच्छा ही नहीं होगी। आज हम बात करेंगे बिहार के वाल्मीकि नगर के बारे में .. कम ही लोग जानते होंगे कि बिहार के पश्चिमी चंपारण में बसा वाल्मीकि नगर पर्यटन की एक बेहतरीन जगह है!

आइए देखें :

वाल्मीकिनगर बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के सबसे उत्तरी भाग में नेपाल की सीमा के पास बेतिया से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वाल्मीकि नगर को भैंसालोटन के नाम से भी जाना जाता है। पिकनिक स्थल के रूप में गंडक नदी के किनारे बसा वाल्मीकि नगर बेहद ही खूबसूरत वादियों से घिरा है। वाल्मीकि नगर हिमालय के समीप ही बसा हुआ है। यह एक छोटा सा कस्बा है जहां की आबादी कम है और जहां का ज्यादातर भाग वन के अंदर है।

वाल्मीकि नगर पार्क अपने आप में बहुत मनोरम है। यह भारत का एक राष्ट्रीय उद्यान है। यह उद्यान उत्तर में नेपाल के रॉयल नेशनल पार्क और पश्चिम में हिमालय पर्वत की गंडक नदी से घिरा हुआ है।

थोड़ा और :

वाल्मीकि नगर में विद्दूत उद्दपादन के लिए गंडक नदी के ऊपर एक बांध का भी निर्माण किया है जिसका उद्दघाटन पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु ने किया था।

वाल्मीकि आश्रम के लिए भी वाल्मीकि नगर जाना जाता है। माना जाता है कि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि ने इसी आश्रम में अपना कुछ समय बिताया था। उनके नाम पर ही इस जगह का नाम भी वाल्मीकि नगर पड़ा था।

वाल्मीकि नगर में एक शिव का प्राचीन मंदिर भी है जिसका निर्माण बेतिया का राजा ने करवाया है।

खास है :

वाल्मीकि नगर में बाघ, सलौथ बीयर, भेड़िए, हिरण , सिरो, अजगर, चीते, नील गाय, हाईना,पिफोल, सांभर, भारतीय सिवेट, जंगली बिल्लियां, अकसर चितवन से चलकर वाल्मीकि नगर में आ जाया करते हैं। वाल्मीकि नगर इन सब जानवरों के कारण की पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रॉयल बंगाल टाइगर यहां का सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र है। विदेशों से लोग इसे देखने वाल्मीकि नगर आतें हैं।

कब और कहां :

वाल्मीकि नगर में घूमने का सबसे बेहतरीन वक़्त होता है फरवरी से लेकर मई तक और सितंबर से लेकर दिसंबर तक। साल भर में पर्यटन का सबसे बेहतरीन वक़्त यही होता है। वाल्मीकि नगर में इस वक़्त अच्छी बारिश होती है। वाल्मीकि नगर पहुंचने के हर साधन उपलब्ध हैं। हवाई मार्ग, सड़क मार्ग और पानी जहाज़ से यहां तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

यहां पहुंचने के बाद यहां रुकने के कई रेसटोरेंट्स हैं। जंगलों में भी अनेकों रेस्ट हाउस हैं। जहां रुकने के लिए आपको कुछ खास अथॉरिटीज़ से एडवांस बुकिंग करवानी पड़ेगी। इको हट्स यहां के आकर्षण हैं। लकड़ी के बने हुए भी रेस्ट हाउस भी यहां काफी अलग और बेहतरीन हैं। होटल वाल्मीकि बिहार भी यहां ठहरने का एक दूसरा विकल्प है। यहां के रेस्ट हाऊस से हिमालय की झलक देखी जा सकती है। सर्दियों के मौसम यह नजारा और भी ज्यादा मनोरम होता है।

आइए कभी :

वाल्मीकि नगर घूमने एक बार सभी को आना चाहिए। खाने में यहां बिहार के ट्रडिशनल टेस्ट है। बिहार की खास व्यंजन खाने की लिस्ट में शामिल होते हैं। वाल्मीकि नगर चारों तरफ से शहरों से घिरा है जहां आप शॉपिंग कर सकते हैं। यहां कई तरह की नक्काशीदार चीजे, हाथों से भी मूर्तियां, हाथ से कढ़ाई किए हुए कपड़े ,सिक्की के काम किए चीजे और कई सारी चीज़े मिलती है।

वाल्मीकि नगर बिहार का एक खूबसूरत हिस्सा है। जो अपनी तरफ देश विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता हैं। आइए कभी घूमिए बिहार!

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