करिए मुजफ्फरपुर में माँ वैष्णो देवी के दर्शन

आस्था

जम्मू के कटरा स्थित माता वैष्णोदेवी मंदिर की पवित्र गुफा की तर्ज पर यहां स्थापित वैष्णो देवी मंदिर श्रद्धालुओं का केंद्र होगा। मंदिर की आतंरिक संरचना हु-ब-हू जम्मू के वैष्णों देवी मंदिर की तरह ही है।

इच्छा रहने के बाद भी कई बार लोग जम्मू जाकर मा वैष्णो देवी के दर्शन नहीं कर पाते हैं, बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए तो चढ़ाई काफी कठिन है।

ऐसे में वहा न पहुंच पाने वाले भक्तों की दर्शन इच्छा पूरी करने के लिए गुफामय पूजा पंडाल का निर्माण किया गया है। ठीक वैसी ही मंदिर की आतरिक बनावट, मूर्ति, भगवान शिव, गणपति भगवान सहित, वह गुफा जिसमें मां ने 8 महीने गुजारे थे।

इतना ही नहीं आपको इस मंदिर में इतनी शाति मिलेगी की मानों आपका आना सफल हुआ और आपकी मनोकामना पूरी हो गई हो। यहा भी गुफा के अंदर मां तीनों पिंडो के साथ विराजमान हैं।

मंदिर का इतिहास

मंदिर के इतिहास के बारे मे मंदिर के अध्यक्ष सह पूर्व मुखिया कपल चौधरी, कोषाध्यक्ष रणजीत कुमार चौधरी, सचिव भोला चौधरी, रामकिशोर चौधरी आदि ने बताया कि करीब सवा सौ वर्ष पूर्व से यहां मंदिर बना।

पहले श्री राधे कृष्ण मंदिर की नींव डाली गई। इसके बाद एक बाबा आए और वह मंदिर के भव्य निर्माण करने की बात कहने लगे। उन्होंने लोगों से कहा कि माता का सपना में दर्शन हुआ।

मंदिर निर्माण कर मुझे स्थान देने को कहा गया है। पहले मिट्टी से निर्मित मंदिर था। वर्ष 1976 में ईंट, बालू व पत्थर से मंदिर का भवन बनाया गया।

वर्ष 2002 में मां वैष्णो देवी की तर्ज पर गुफा बनवाई गई। उसी तर्ज पर मंदिर का ढांचा तैयार हुआ। अपनी इन्हीं खूबियों के चलते यह मंदिर उत्तर बिहार के लिए इकलौता है।

सर्फुद्दीनपुर के श्री राधे कृष्ण ठाकुरबाड़ी मंदिर प्ररागण में विराजमान मां वैष्णो देवी और मंदिर की ख्याति दिनानुदिन बढ़ती जा रही है।

यहा तक कि शुभ मुहूर्त के दौरान लोग मां के दर्शन के लिए आते हैं। शादी मंडप से उठने के बाद नवविवाहितों की जोड़ी गुफा का फेरा लगाती है।

हर वर्ष यहां सैकड़ों शादियां होती हैं। मंदिर में मां दुर्गा, मां मनसा देवी, माता संतोषी, श्रीराधे कृष्ण ठाकुरबाड़ी, श्री हनुमान, बाबा श्री नर्मदेश्वरनाथ, शिव मंदिर, भैरव बाबा, श्री राम सीता आदि देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.