पानी के जहाज से कर सकेंगे वैशाली से बाल्मीकि नगर तक की सैर

आस्था खबरें बिहार की

PATNA: चंपारण सत्याग्रह की सौवीं वर्षगांठ की धूम के बीच सूबे को एक बड़ी सौगात मिली है।

बाल्मीकिनगर गंडक बराज से वैशाली में गंगा संगम तक के भाग को केंद्र सरकार के सड़क परिवहन, राजमार्ग व पोत परिवहन मंत्रालय ने राष्ट्रीय जलमार्ग के रूप में स्वीकृति दे दी है।
साथ ही इस जलमार्ग के विकास के लिये 150.73 करोड़ रुपये भी सरकार ने विमुक्त कर दिया है। इस जलमार्ग की दूरी 277 किलोमीटर होगी।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद को भेजे पत्र में लिखा है कि चंपारण सत्याग्रह की सौवीं वर्षगांठ के अवसर पर इस निर्णय की सूचना देते हुए उन्हें अपार खुशी हो रही है। उन्होंने उम्मीद जतायी है कि इस राष्ट्रीय जलमार्ग के विकास से इस क्षेत्र की व्यापारिक गतिविधियों को नया आयाम मिल सकेगा।
स्थानीय सांसद ने केंद्र सरकार के इस निर्णय को अपने राजनीतिक जीवन की एक बड़ी उपलब्धि करार दिया है। सांसद ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय गंडक तटवर्ती इलाकों के विकास के नये द्वार खोलेगा।
उनका कहना है कि इस राजमार्ग से व्यापारिक गतिविधियों में काफी तेजी आएगी, जिससे इलाके का विकास भी होगा।
गंडक बराज से वैशाली जिले तक इस जलमार्ग की लंबाई 277 किलोमीटर है। इस जलमार्ग के मध्य में गंडक बराज के बाद बेतिया, डुमरियाघाट, कल्याणपुर आता है।
केंद्रीय मंत्री ने पत्र के माध्यम से यह सूचित किया है कि इस प्रोजेक्ट के लिए डीपीआर बन कर तैयार है तथा टेंडर की प्रक्रिया भी जारी है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बाल्मीकिनगर सांसद सतीशचंद्र दुबे को पत्र भेजकर यह जानकारी दी है। केंद्रीय मंत्री ने लिखा है कि सांसद सतीश चन्द्र दुबे ने 4 मई, 2016 को उन्हें पत्र लिखकर बाल्मीकिनगर गंडक बराज से गंगा संगम तक नदी को राष्ट्रीय जलमार्ग विधेयक में शामिल करने का अनुरोध किया था।
अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के परामर्श से कराई गई जांच के बाद जलमार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग 37 के रूप में स्वीकृति दे दी गई।

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