पटना ने 24 घन्टे कोरोना वैक्सीनेशन कर बनाया रिकॉर्ड, DM ने किया कर्मचारियों को सम्मानित

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कोरोना की तीसरी लहर के खतरे के बीच लोग टीका को हथियार बना रहे हैं. लोगों की जागरुकता से पटना में अब तक 22 लाख से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है. पटना में कोरोना वैक्सीनेशन के अभियान को लगातार सफल बनाने में प्रशासन जुटा है. यहाँ नये कीर्तिमान भी स्थापित हो रहे है.

जिले के तीन वैसे केंद्र जहां 24 घन्टे कोरोना टीकाकरण किये जा रहे हैं वहां 8 जून से अब तक 2 लाख लोगों का टीकाकरण हो चुका है. 2 लाख टीका पूरा करने के बाद 24 घन्टे कार्यरत सभी कर्मियों को जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और जिलेवासियों को बधाई दी. जिलाधिकारी ने टीकाकरण को लेकर नया प्रयोग किया था. इसके तहत 24 घन्टे लोगों को वैक्सीन दिया जा सके. पटना में पाटलिपुत्र अशोका होटल, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और पॉलिटेक्निक कॉलेज को चिन्हित किया गया था. आलम ये हुआ कि डेढ़ माह में इन तीनों केंद्रों पर बम्पर वैक्सीनेशन हुआ. सबसे ज्यादा पाटलिपुत्रा स्पोर्ट्स केंद्र पर 88209 लोगों ने वैक्सीन लिया वहीं पाटलिपुत्रा अशोका में 67930 लोगों ने वैक्सीन लिया जबकि पॉलिटेक्निक कॉलेज में भी 44709 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है.

जिलाधिकारी की मानें तो पटना जिले में अब तक 75 फीसदी लोगों का टीकाकरण हो चुका है जो कि अन्य जिलों की तुलना में सर्वाधिक है. पटना शहरी क्षेत्र मे 1436698 लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 1098554 व्यक्तियों को टीकाकृत किया जा चुका है जो लक्ष्य का 76% है. इस प्रकार निर्धारित लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है. जिलाधिकारी की मानें तो 31 जुलाई तक 100% टीकाकरण का लक्ष्य है. पटना ग्रामीण क्षेत्र मे 2912433 लक्ष्य के विरुद्ध 699032 व्यक्तियों का टीकाकरण किया जा चुका है जो लक्ष्य का 24% है.

बिहार में वैक्सीनेशन की गति और बढ़ सकती थी लेकिन बीच बीच मे वैक्सीन शॉर्टेज होने की वजह से स्पीड पर असर पड़ा है. कोवैक्सीन को लेकर भी लोगों को डोज के लिए 8 दिनों का इंतजार करना पड़ा है, हालांकि सरकार की मानें तो अब वैक्सीन का शॉर्टेज नहीं होगा और इच्छुक लाभार्थी का केंद्र पर पहुंचते ही वैक्सीनेशन किया जाएगा.

पटना में 18 प्लस वालों ने टीकाकरण का रिकॉर्ड बनाया है. वह बढ़-चढ़कर वैक्सीनेशन में हिस्सा ले रहे हैं. इससे अन्य वर्ग के लोगों की संख्या भी बढ़ी है. पटना में 18 प्लस के 902924 लोगों ने पहली डोज ली है. उनकी उम्र 18 से 44 वर्ष तक है. इसी आयु वर्ग के 63018 लोगों ने टीके की दूसरी डोज भी ले ली है. दूसरी डोज लेने वाले अब काफी हद तक कोरोना से लड़ाई लड़ने को तैयार हो गए हैं.

60 प्लस के अब तक 289462 लोगाें ने वैक्सीन की पहली डोज ली है. वहीं, 113041 लोगों ने दूसरी डोज ली है. इस उम्र के लोगों का भी वैक्सीनेशन तेजी से हो रहा है. पटना के डीएम डॉ. चंद्र शेखर सिंह बताते हैं कि बुजुर्ग और बीमार के लिए डोर टू डोर टीकाकरण की व्यवस्था की गई है. इसमें घर में ही लोगों को टीका लगा दिया जाता है. बीमारी या बुढ़ापा के कारण जो लोग चलने में असमर्थ हैं उन्हें कोरोना से बचाने के लिए घर पर ही वैक्सीनेट किया जा रहा है.

पटना में 45 से 59 साल के लोगों में 419510 ने पहली और 245788 ने दूसरी डोज ली है. यह संख्या 18 प्लस के वैक्सीनेशन में तेजी आने के बाद से बढ़नी शुरू हुई है. पूर्व में इसी आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू हुआ था लेकिन लोगों में जागरुकता का अभाव था इस कारण से टीका नहीं लगवा रहे थे. 18 प्लस वालों की संख्या जैसे बढ़नी शुरू हुई इस आयु वर्ग के लोग भी वैक्सीनेशन में तेजी से आगे आने लगे हैं.

पटना में फ्रंटलाइन वर्कर और हेल्थ वर्करों के वैक्सीनेशन की रफ्तार सुस्त रही है. अब तक 76511 फ्रंट लाइन वर्करों ने पहली और 44136 ने टीका का दूसरा डोज लगवाया है. ऐसे ही हेल्थ केयर वर्करों में 72855 ने पहला और 54766 ने दूसरा डोज लगवाया है. यह संख्या काफी कम है, इसे लेकर प्रशसनिक स्तर पर प्रतिदिन बड़ी तैयारी चल रही है.

पटना में नगर निगम के सभी 75 वार्डों में 100% वैक्सीनेशन को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है. एक मिशन के तहत सभी वार्डों को शत प्रतिशत वैक्सीनेटेड करना है. वार्डों में चल रहे अभियान में हर दिन तेजी आ रही है और इसी से आंकड़ा 22 लाख के पार पहुंचा है. डीएम डॉ चंद्र शेखर सिंह का कहना है कि 25 जुलाई तक की समय सीमा निर्धारित की गई है. इस तिथि के अंदर तक सभी 75 वार्डों को 100 प्रतिशत वैक्सीनेट कर दिया जाएगा.

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