यूपीएससी में बजा बिहार का डंका, मधेपुरा की अंकिता सेकेंड टॉपर, मोतिहारी के शुभंकर को 11वां रैंक

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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में एक बार फिर बिहारी छात्र-छात्राओं ने परचम लहराया है। सोमवार को जारी रिजल्ट में मधेपुरा के बिहारीगंज की अंकिता अग्रवाल ने देश में दूसरा स्थान पाया है। देशभर में इस बार पहले तीन स्थानों पर लड़कियों ने कब्जा जमाया है।

पिछले साल यूपीएससी टॉपर बिहार के शुभम थे। पिछले साल यूपीएससी रिजल्ट के टॉप 10 में बिहार से तीन अभ्यर्थी थे। इस बार टॉप टेन में जगह बनाने में अंकिता ही कामयाब हो पाई हैं। अंकिता का परिवार अभी कोलकाता में रहता है। अंकिता का बचपन बिहारीगंज गुदरी बाजार, पंचमुखी हनुमान मंदिर के सामने बीता है। प्रारंभिक शिक्षा बिहारीगंज के मॉडर्न पब्लिक स्कूल में हुई है। अंकिता के दादा मालीराम अग्रवाल और पिता मनोहर अग्रवाल का बिहारीगंज में हार्डवेयर का व्यवसाय था। बिहारीगंज के व्यवसाय को अपने रिश्तेदार (बहनोई) को सुपुर्द कर मनोहर अग्रवाल कोलकाता शिफ्ट कर गये।

मोतिहारी के शुभंकर को 11वां स्थान

मोतिहारी के पताही प्रखंड स्थित नारायणपुर गांव निवासी शुभंकर प्रत्युष पाठक को 11वां और मुंगेर की अंशु प्रिया को 16वां स्थान प्राप्त हुआ है। पटना बिस्कोमान कॉलोनी के रहने वाले आशीष (वैशाली के जंदाहा थाना क्षेत्र के पीरापुर के मूल निवासी) ने अपने पहले प्रयास में ही 23वीं रैंक प्राप्त की है। आशीष के मौसेरे भाई गया जिले के अनिकेत ने 277वीं रैंक हासिल की है।

बिहार के अब तक 22 से ज्यादा सफल

देर शाम तक प्राप्त सूचना के अनुसार बिहार के 22 से ज्यादा अभ्यर्थी सफल हुए हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ और छात्रों को सफलता मिली है। सारण जिले के जलालपुर के कोठया गांव की रहने वाली दिव्या शक्ति ने 58वीं रैंक हासिल की है। सहरसा के एमएलटी कॉलेज के प्रोफेसर की बेटी शैलजा को 83वीं रैंक मिली है। कटिहार के अमन को 88वीं रैंक मिली है। उनके पिता दुर्गा लाल अग्रवाल कटिहार के राज हाता के रहने वाले हैं। वहीं मुजफ्फरपुर के ही मीनापुर के टेंगराहां के अभिनव कुमार को 146वीं रैंक मिली है। गोपालगंज के गौरव शुक्ला को 153वीं रैंक, किशनगंज के डुमरिया मध्य विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका जूही कुमारी के बेटे राज कृष्णा को 168वीं रैंक मिली है।

मजदूर के बेटे को मिली 484वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड के मुकसुदपुर के रहने वाले विशाल कुमार को 484वीं रैंक मिली है। विशाल के मजदूर पिता बिकाऊ प्रसाद की मौत के बाद परिवार कर्ज में डूब गया था। मैट्रिक की परीक्षा में जिला टॉपर रहे। आईआईटी कानपुर में केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद तैयारी कर रहे थे।

सरकारी प्रोत्साहन राशि योजना पाई पांच छात्राएं सफल

मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत ‘सिविल सेवा प्रोत्साहन राशि’ पाई पांच छात्राएं भी सफल हुई हैं। मुंगेर की अंशु प्रिया को 16वीं, सहरसा की शैलजा को 83वीं, मुजफ्फरपुर की शिवानी को 122वीं, पटना की प्रिया रानी को 284वीं, कैमूर की साक्षी कुमारी को 330वीं रैंक मिली है। महिला एवं बाल विकास निगम की प्रबंध निदेशक हरजोत कौर ने बताया कुल 22 छात्राओं को एक-एक लाख रुपये दिए गए थे। इसमें से पांच ने सफलता हासिल की है।

बैंक मैनेजर रहते हुए अमन ने की पढ़ाई

औरंगाबाद की शुभ्रा शर्मा ने 197वीं रैंक हासिल की है। मोहनिया की साक्षी कुमारी ने 330वीं रैंक प्राप्त की है। नवादा के आलोक रंजन को 346वां स्थान मिला है। वे रोह प्रखंड के गोरिहारी गांव के रहने वाले हैं। वहीं, रोहतास जिले के अमन आकाश ने यूपीएससी में 360वां स्थान प्राप्त किया है। बिक्रमगंज के शांति नगर मुहल्ला के निवासी अमन ने एमपी में एसबीआई में मैनेजर पद पर कार्यरत रहते हुए यह रैंक हासिल की है। औरंगाबाद के अंकित सिन्हा को 472वां रैंक मिली है।

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