कुल्लू-मनाली से अलग, करें हिमाचल के इस अज्ञात स्थल की सैर

कही-सुनी

हिमाचल प्रदेश के गेटवे के नाम से प्रसिद्ध उना समुद्र तल से 369 मीटर की ऊंचाई पर स्थित राज्य का एक खूबसूरत स्थल है। पंजाब के नजदीक होने के कारण यहां सिख संस्कृति का भी प्रभाव है। अपने ऐतिहासिक स्थलों और मंदिरों के साथ उना हिमाचल प्रदेश का प्रसिद्ध टूरिस्ट स्पॉर्ट है। कुदरती सुंदरता और आध्यात्मिक अनुभव के लिए आप यहां की यात्रा कर सकते हैं। चूंकि यह ऊंचाई पर स्थित है इसलिए गर्मियों के दौरान यहां आरामदायक छुट्टियां बिताई जा सकती है। इस लेख के माध्यम से जानिए पर्यटन के लिहाज से उना आपको किस प्रकार आनंदित कर सकता है, जानिए यहां के चुनिंदा शानदार स्थलों के बारे में।



पोंग बांध

उना भ्रमण की शुरूआत आप यहां के खूबसूरत प्राकृतिक स्थानों से कर सकते हैं। ब्यास नदी पर बना पोंग बाध यहां के प्रसिद्ध आकर्षणों में गिना जाता है। यह क्षेत्र समुद्र तल से 450 ऊंचाई पर स्थित है, जो एक वन्यजीव अभयारण्य का भी अपने अंदर समेटे हुए है। यह अभयारण्य कई जीव-वनस्पतियों को सुरक्षित आश्रय देने का काम करता है, जीवों में आप यहां चीता, हिरण, सांभर, जंगली सूअर आदि को देख सकते हैं। इसके अलावा आप यहां विभिन्न पक्षी प्रजातियों को देखने का मौका प्राप्त कर सकते हैं। फोटोग्राफी और पिकनिक से लिए यह एक आदर्श गंतव्य है।

थनीक पूरा

उना के पास आप थनीक पूरा हिल स्टेशन की सैर का प्लान बना सकते हैं, थनीक पूरा समुद्र तल से 950मीटर की ऊंचाई के साथ चिंतपूर्णी मंदिर के पास स्थित है। यह हिल स्टेशन अपने धार्मक स्थलों और मेलों के लिए जाना जाता है जिसमें शरीक होने के लिए दूर-दूर से हिन्दू और सिख श्रद्धालु आते हैं। इन सब के अलावा थनीक पूरा अपने ट्रेकिंग ट्रेल्स के लिए भी काफी प्रसिद्ध है। ट्रेकिंग के दौरान आप शानदार प्राकृतिक नजारों का आनंद भी ले सकते है। थनीक पूरा उना के नजदीक एक शानदार पर्यटन गंतव्य है जहां का प्लान आप बना सकते हैं।

चिंतपूर्णी मंदिर

जैसा की आपको बताया गया है कि उना अपनी कुदरती खूबसूरती के अलावा धार्मिक महत्व के लिए भी जाना जाता है। यहां स्थित चिंतपूर्णी मंदिर यहां के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। चिंतपूर्णी मंदिर भारत के पवित्र 51 शक्तिपीठों में शामिल है, जहां सालभर श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। यह मंदिर समुद्र तल से 950 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो हिन्दू देवी मां चंडी को समर्पित है। आत्मिक-मानसिक शांति के लिए आप यहां आ सकते हैं।

कालेश्वर

उना के नजदीक आप यहां के प्राचीन कालेश्वर मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। माना जाता है कि यह मंदर करीब 400 साल पुराना है। मूल रूप से इस मंदिर को पांडवों ने अपने निर्वासन के दौरान बनाया था, और इसे पूर्ण रूप से कटोच राजवंश ने बनाया था। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और जो उत्तराखंड के हरिद्वार की तरह की सम्मान की नजरों से देखा जाता है। कालेश्वर मंदिर अपने वार्षक महोत्सव के लिए भी जाना जाता है जिसमें शरीक होने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु यहां तक का सफर तय करते हैं। यह मेला मई-जून के बीच में आयोजित किया जाता है।


किला बाबा बेदी जी

उपरोक्त स्थलों के अलावा आप यहां के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल किला बाबा बेदी जी की सैर कर सकते हैं। किला बाबा बेदी जी प्राकृतिक सुंदरता के घिरा एक समाधि स्थल है। किला गुंबदनुमा एक संरचना है जहां आप भारतीय और अफगानी वास्तुकला को देख सकते हैं। माना जाता है कि यह स्थान बाबा गुरू नानक देव जी के पूर्वजों का निवास स्थान था। इसलिए यहां सिख संप्रदाय के लोगों का आना जाना लगा रहता है। ये थे उना और उसके आसपास के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जहां की सैर आप किसी भी समय कर सकते हैं।

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