यूक्रेन-रूस युद्ध से बिखरा सपनों का मकान, 32% तक बढ़े सरिया के दाम

खबरें बिहार की जानकारी

पिछले एक महीने में सरिया के दाम में आए उछाल ने भवन निर्माण कार्यों की गति धीमी कर दी है। यूक्रेन-रूस युद्ध के बाद सरिया की दरों में 32 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। कीमत में आई उछाल आगे कहां तक जारी रहेगी? यह कहना मुश्किल है। निजी कार्यों से लेकर सरकारी निर्णाण तक में सरिया की बढ़ी दर की मार स्पष्ट दिखाई दे रही है। कई जगह सरकारी कार्यों को भी संवेदकों ने निर्माण रोक दिए हैं। ऐसे में सपनों के मकान पर सरिया की महंगाई का ग्रहण सा लग गया है। सरिया के दाम बढ़ने से मकानों में इस्तेमाल होने वाली स्टील की चादरें, ग्रिल, पाइप, तथा मकान में प्रयोग होने वाले अन्य लोहे के सामान भी महंगे हो गए हैं।

विदित हो कि यूक्रेन-रूस के बीच युद्ध के साथ ही सरिया का दाम अधिक होने लगा। सरिया निर्माण के लिए जरूरी कच्चा माल के मिलने में आई परेशानी से दामों में वृद्धि हुई। तीन सप्ताह पूर्व खुदरा बाजार में 6,500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सरिया उपलब्ध थी। यह बढ़ते-बढ़ते अब 8,600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। आगे दाम और बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। अप्रत्याशित ढंग से सरिया के मूल्य बढ़ने का प्रभाव निर्माण कार्यों पर पड़ रहा है।

बढ़ता दाम देख भवन निर्माण पर लगा ब्रेक

कुचायकोट प्रखंड के ढेबवां गांव निवासी मिथिलेश राय ने बताया की 25 दिनों पूर्व मकान का कार्य शुरू किया था। काम शुरू होते ही सरिया का दाम आसमान छूने लगा। ऐसे में निर्माण कार्य बंद करना पड़ा है। बताया कि सरिया के रेट काबू में आएंगे तब फिर निर्माण कर शुरू करना होगा।

सरकारी कार्य भी हो रहे प्रभावित

सरिया की बढ़ी हुई कीमत से सरकारी कार्य भी प्रभावित हैं। संवेदक अखिलेश सिंह ने बताया कि एक दर्जन से अधिक विद्यालय भवनों और अन्य सरकारी निर्माण कार्य तेजी में चल रहा था। सरिया की कीमत में अप्रत्याशित वृद्धि ने निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि सरिया की जो दर सरकार द्वारा फिक्स की गई है, उससे कहीं ज्यादा महंगे दाम पर सरिया खरीदकर काम कराया जा रहा है। अखिलेश ने बताया कि संवेदक संघ संबंधित पदाधिकारियों और प्रसाशन से मिलकर योजना का प्राक्कलन बढ़ाने की मांग करेगा।

 मीरगंज के थोक व्यवसायी सुनील कुमार, विनय कुमार व भानू सिंह ने बताया कि सरिया के दामों में काफी उछाल आया है। इससे सरिया के बाजार में गिरावट दर्ज हुई है। भवन निर्माण कार्य में भी सुस्ती आई है। बाजार गिरने से व्यवसायी चिंतित हैं।

सरिया का दाम एक माह के दौरान (प्रति क्विंटल रुपये में)

  • एक माह पहले – 15 दिन पहले – वर्तमान में
  • लोकल 5800  6200  7500
  • मध्यम क्लास  6300  6800  7900
  • ब्रांडेड 7200  7300  8900

नोट: सरिया का यह भाव मीरगंज के थोक बाजार का है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.