यूक्रेन से लौटने वाले मेडिकल छात्र अब क्‍या करेंगे ? बिहार की एक मां ने दिया हैरान करने वाला जवाब

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रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंज ने भारत को अलग ही परेशानी में डाल रखा है। हमारे देश के हजारों छात्र-छात्रा मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन में रहते हैं। युद्ध की पूरी संभावना काफी पहले से दिखने और भारत सरकार की ओर से एडवाइजरी जारी होने के बावजूद ज्‍यादातर अपने देश के ज्‍यादातर छात्र-छात्रा यूक्रेन में ही रुके रहे। चिंता तब बढ़ी, जब युद्ध वाकई में शुरू हो गया। इसके बाद देश के दूसरे राज्‍यों की तरह ही बिहार के भी छात्र-छात्रा कुछ अपनी कोशिशों तो कुछ सरकार की मदद से घर वापस लौट रहे हैं। ऐसे में एक बड़ा सवाल यह है कि इन छात्रों की आगे की पढ़ाई का क्‍या ?

इस सवाल का जवाब आपको काफी हद तक बिहारशरीफ के छात्र राहुल कुमार की मां की बातों में मिल जाएगा। राहुल आज शाम तक अपने घर लौट सकते हैं। बिहारशरीफ के सोहसराय थाना क्षेत्र के खासगंज मोहल्ला निवासी अजय मिस्त्री की पत्नी रिंकी देवी ने बताया कि पुत्र राहुल कुमार गुरुवार की दोपहर 2.20 बजे यूक्रेन से निकल कर हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट हवाई अड्डे पर पहुंच चुके थे। रात 10.30 बजे वह हवाई जहाज से दिल्ली के लिए रवाना होना था। वे दिल्‍ली से पटना आएंगे और फिर शुक्रवार की शाम तक घर पहुंचेंगे।

राहुल की मां ने कहा कि सस्ती होने के कारण यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए भेजा था। वहां पर पहले से राहुल के दो-तीन दोस्त पढ़ाई कर रहे थे। वहां 30 लाख रुपये में मेडिकल की पढ़ाई पूरी हो जाती है। भारत या किसी अन्य देशों में मेडिकल की पढ़ाई के लिए 70 से 80 लाख तक खर्च आते हैं, जो हमलोगों के लिए संभव नहीं था। कहा कि चार माह पहले ही पुत्र यूक्रेन गया था। 25 लाख रुपये जमा करा चुकी हूं। पांच लाख इसी माह भेजना था। इसी बीच लड़ाई छिड़ गई। मां ने कहा कि स्थिति सामान्य होने के बाद पुत्र को फिर से पढ़ाई पूरी करने के लिए भेजेंगे। राहुल के पिता बढ़ई मिस्त्री का काम करते हैं।

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