यूक्रेन में बिहार की दो बेटियों को ट्रेन में नहीं चढ़ने दिया, पैदल रवाना हुईं बॉर्डर

जानकारी

भारत आने के लिए सुबह 6:00 बजे हॉस्टल से निकली पूर्णिया जिला के धमदाहा नेहरू चौक की दो बेटी यूक्रेन में स्थानीय लोगों ने ट्रेन पर चढ़ने नहीं दिया है जिस वजह से वह आज यूक्रेन की सीमा पार नहीं कर सकी है।

इस संबंध में यूक्रेन में फंसी मेडिकल सेकेंड ईयर की छात्रा जया के पिता जय नारायण मेहता ने दूरभाष पर बताया कि उनकी बेटी जया द्वितीय वर्ष की छात्रा है, जबकि भतीजी प्रथम वर्ष की छात्रा है। दोनों एक वर्ष पूर्व यहां से पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गई थी। आज यूक्रेन में आपातकालीन एडवाइजरी जारी करने के बाद दोनों बच्चियां अपने हॉस्टल से निकलकर स्थानीय स्टेशन पर 8 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंची, लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें ट्रेन पर नहीं चढ़ने दिया गया है।

उसके बाद से वे लोग दूसरी सीमा की तरफ जाने के लिए पैदल निकल गई जो हॉस्टल से 40 किलोमीटर की दूरी पर है। वहां भारत आने के लिए 3 पॉइंट निर्धारित किया गया है जहां पर शाम 6 बजे तक पहुंचना था। हालांकि दोनों बच्चियां थक जाने के कारण अब पैदल चलने में असमर्थता जता रही है। यह बात उक्त बच्चियों ने दूरभाष पर अपने ननिहाल एवं पिता को सूचना दी है। उसके बाद से लगातार जया एवं निधि के परिवार चिंतित हैं। सरकार के माध्यम से उन बच्चियों को यूक्रेन की सीमा पार कराने की गुहार लगा रहे हैं।

 

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