टूटेगी शराब की बोतल तो खनकेगी चूड़ियां, नीतीश सरकार देगी जीविका में रोजगार

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बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है। पुलिस की छापेमारी में मिलने वाली अवैध शराब को जब्त करके नष्ट कर दिया जाता है। मद्य निषेध, उत्पाद और निबंधन विभाग ने सकारात्मक कदम उठाते हुए शराब की बोतलों से चूड़ी बनाने का की जिम्मेदाई जीविका को सौंपी है। उत्पाद आयुक्त बी कार्तिकेय धनजी ने सोमवार को बताया कि शराबबंदी लागू होने के बाद से बड़ी मात्रा में देसी-विदेशी शराब की खेप पकड़ी जा रही है। शराब को नष्ट किए जाने के दौरान बोतलों को भी नष्ट कर दिया जाता है। नष्ट करने के बाद भी शीशे की बोतलों का चूर्ण बच जाता है। अब इन्हीं टूटी बोतलों के चूर्ण से जीविका की दीदी कांच की चूड़ियां बनाएंगी।

कॉलसेंटर की होगी शुरुआत
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग अब शराबबंदी के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों के लिए भी कॉल सेंटर की स्थापना करेगा। काल सेंटर पटना स्थित विभागीय मुख्यालय में बनेगा। आयुक्त बी कार्तिकेय धनजी ने बताया कि आम लोग निबंधन से जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत यहां कर सकेंगे। कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर के लिए विभाग ने बीएसएनएल को पत्र लिखा है। दो से तीन दिनों में इसके मिलने की संभावना है। टोल फ्री नंबर मिलते ही कॉल सेंटर शुरू कर दिया जाएगा।

अबतक 3.69 लाख लीटर से ज्यादा शराब जब्त 
अवैध शराब के धंधे के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। सिर्फ अगस्त में एक 1,15, 399 छापेमारी की गई। इसमें 3,69, 974 लीटर अवैध देसी-विदेशी शराब नष्ट की गई। इसमें 2.10 लाख लीटर देसी जबकि 1.59 लाख लीटर विदेशी शराब थी। अगस्त में 30 हजार से अधिक अभियुक्तों को शराब पीने या बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने जहां 17,841 वहीं उत्पाद विभाग की टीम ने 12, 218 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान शराब की होम डिलीवरी करने वाले 1135 तस्कर भी पकड़े गए।

चूड़ी निर्माण के लिए यूनिट की स्थापना 
शराब की बोतलों से चूड़ियां बनाने के लिए जीविका की ओर से फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने कांच की चूड़ियों के उत्पादन यूनिट की स्थापना के लिए जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को 99.99 लाख रुपए भी उपलब्ध करा दिए हैं। चूड़ियां बनाने की तरकीब का प्रशिक्षण लेने के लिए जीविका का दल उत्तर प्रदेश भी गया हुआ है। फिलहाल चूड़ी निर्माण के लिए एक यूनिट की स्थापना की जाएगी। यहां राज्य भर से नष्ट शराब की बोतलों का चूर्ण लाया जाएगा। चूड़ियों की मांग बढ़ती है तो यूनिट की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

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