सफर को सुहाना बनाने की कोशिश, गांधी सेतु पर बालू-गिट्टी लदे ट्रकों की नो इंट्री

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पटना: उत्तर और दक्षिण बिहार की लाइफ लाइन मानी जाने वाली गांधी सेतु को जाम से मुक्त करने के लिए कई ठोस निर्णय लिये गये हैं. इसके तहत अब गांधी सेतु पर बालू-गिट्टी लदे ट्रकों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक होगी.

इन ट्रकों को आरा-छपरा पुल या राजेंद्र सेतु से होकर गुजरना होगा. इसके अलावा गांधी सेतु के समानांतर पीपा पुल से भी अब चौबीस घंटे छोटे वाहनों के आवागमन को चालू कर दिया गया है.

गांधी सेतु और जेपी सेतु पर सुचारु ट्रैफिक व्यवस्था को बनाये रखने के लिए एक डीएसपी और दो इंस्पेक्टर की खासतौर से तैनाती की गयी है. इन दोनों पुलों पर जाम नहीं लगे, इसकी पूरी जिम्मेवारी संबंधित डीएसपी की होगी. मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने गांधी सेतु पर हमेशा सुचारु ट्रैफिक व्यवस्था बनाये रखने के लिए विभागों और संबंधित जिलों के संयुक्त रूप से लिये गये ‘समेकित निर्णय’ को तुरंत लागू करने के आदेश जारी कर दिये हैं.

होगी कड़ी कार्रवाई

पटना, सारण और वैशाली जिलों के एसपी को भी इन पुलों पर जाम नहीं लगने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था को अपने-अपने क्षेत्रों में कंट्रोल करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. इन जिलों से अतिरिक्त संख्या में सिपाहियों की तैनाती भी पुलों को जाम से निजात दिलाने के लिए की गयी है.

gandhi setu construction

शिफ्ट में सिपाहियों की ड्यूटी लगायी जायेगी. गांधी सेतु पर ट्रैफिक व्यवस्था के सुचारु परिचालन की मॉनीटरिंग पुलिस मुख्यालय के स्तर पर एडीजी (मुख्यालय) एसके सिंघल भी करेंगे. इन दोनों पुलों पर जाम नहीं हो इसकी निरंतर रिपोर्ट भी एडीजी (मुख्यालय) को प्राप्त होती रहेगी. अगर इस व्यवस्था के बाद भी अगर किसी स्तर पर लापरवाही से जाम की स्थिति बनती है या बालू-गिट्टी लदे ट्रक गुजारे जाते हैं, तो संबंधित पदाधिकारी पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.

‘समेकित निर्णय’ का टास्क सौंपा था. : इससे पहले गांधी सेतु को जाम से  मुक्त करने के लिए मुख्य सचिव ने वैशाली, सारण, पटना और भोजपुर जिलों के  डीएम एवं एसपी के अलावा गृह, सड़क समेत अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ  बैठक करके उन्हें ‘समेकित निर्णय’ तैयार करने का टास्क सौंपा था. साथ ही  इसे दो दिन के अंदर लागू करने के लिए भी कहा था.

जीरो माइल से पाया नंबर 46 तक पहुंचने में लग रहे दो घंटे

पटना सिटी : लगभग दो घंटा हो गया है अभी जीरो माइल से पाया नंबर 46 के पास पहुंचे हैं,  यह पीड़ा उक्त ट्रक चालक की थी, जो व्यापारिक वस्तुओं को लाद कर समस्तीपुर  के लिए निकला था. दरअसल सेतु पर हाजीपुर की तरफ पाया संख्या 16 से 24 के  बीच में वनवे परिचालन की व्यवस्था है क्योंकि सेतु पर बीते रविवार की मध्य  रात आयी आंधी व बारिश के बाद  निर्माण कार्य को लेकर बनाये गये शेड की  रेलिंग टूट कर पूर्वी लेन पर आ गिरी. इस वजह से बीते रविवार की रात से ही  सेतु पर महज एक लेन पर ही वाहनों का परिचालन हो रहा था.

इस कारण से जाम की  समस्या कुछ अधिक गहरा गयी थी. यातायात थाना के अध्यक्ष सतीश कुमार की मानें  तो लाइटिंग के लिए लगाये गये बिजली के पोल, रेलिंग के साथ दिये गये टीन के  शेड को हटाने व निर्माण कार्य कराने की वजह से बीते तीन दिनों से पूर्वी  लेन के एक भाग पर ही वाहनों का परिचालन कराया जा है. महज 40 से 45 मिनट का सफर  तीन से साढ़े घंटे में पूरा हो रहा है.

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पीपा पुल पर रहा दबाव: हाजीपुर  से पटना आने वाले छोटे वाहनों के लिए बनाये गये पीपा पुल पर भी वाहनों का  दबाव भी सेतु पर जाम से बढ़ गया है.

स्थिति यह है कि बीते मंगलवार की रात  से अब पीपा पुल पर 24 घंटे वाहनों की आवाजाही आरंभ कर दी  गयी है, ताकि छोटे वाहनों का लोड गांधी सेतु से घट सके. इस व्यवस्था की वजह से पीपा पर भी वाहनों का दबाव दोनों  तरफ से बढ़ गया है. पीपा पुल पर पुलिस बल तैनात करने व  सेतु पर लगी लाइटिंग बढ़ाने पर कार्य चल रहा है.

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