transgender family

मानवता की मिसाल- अनाथ लड़की की किन्नरों ने की परवरिश, पढ़ाया और फिर धूमधाम से करायी शादी

जिंदगी

घर में कोई आयोजन हो, खुशी का मौका हो तो आमतौर पर किन्नर दुआएं देते हैं और नेग के तौर पर पैसे लेते हैं, लेकिन इस बार खुशियों ने किन्नरों के यहां दस्तक दी है। उनके घरों में भी मंगल गीत गाए गए और बेटी की डोली भी उठी। मामला मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले का है।

यहां किन्नरों ने न केवल एक अनाथ बेटी की पांच साल तक परवरिश की, बल्कि अब उसके लिए योग्य जीवनसाथी ढूंढकर उसके हाथ भी पीले किए। दरअसल, अशोकनगर जिले की ईसागढ़ तहसील के कदवाया में रहने वाले किन्नर भावना यादव और उनके साथी नेहा और काजल ने 18 वर्षीय मुन्नी को न सिर्फ आसरा दिया बल्कि उसके बालिग होने पर एक योग्य वर देखकर विवाह भी करवाया।

इस शादी की पूरे शहर में चर्चा की थी और मानो हर बाशिंदा इस बेटी को दुआ दे रहा था. ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि प्रचलन के अनुसार जो किन्नर शादी विवाह और मांगलिक अवसरों पर घरों में बधाई गाने जाते है उनके ही घर किसी दिन बारात आयी और फिर एक लड़की शादी के बंधन में बांधकर अपने जीवनसाथी के साथ विदा हुई.

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किन्नर भावना के इस कार्य को सभी ने सराहा. भावना और उनके साथियों ने शादी कि सभी रस्मों को पूरे विधि विधान से सम्पन्न करवाया. इस दौरान मेहंदी, हल्दी, मण्डप, बारात की अगवानी, फेरे, कन्यादान आदि सभी स्मों के साथ मुन्नी की डोली भावना के घर से उठी. मुन्नी की मां का 5 वर्ष पहले देहांत हो गया और उसका पिता एक 16 साल की लड़की को उसके हाल पर छोड़कर अज्ञात जगह चला गया. ऐसे में अकेली मुन्नी की परवरिश के लिए किन्नर भावना आगे आई. भावना ने उसे अपनी बेटी की तरह रखा और उसकी हर ख्वाहिश पूरी की.

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यहां तक की शादी में भी किसी तरह की कोई कमी नहीं रहने दी.भावना ने बताया कि दिल से खुशी है कि मुन्नी को उन्होंने लड़की की तरह पाला और उसकी शादी करवाई. साथ ही उन्हें मुन्नी के विदा होने का दुख भी है. उनके अनुसार यह पल बड़ा दुखद होता है जब एक बेटी विदा होती है और यह एहसास उन्हें भी हुआ. भावना ने अपने जैसे अन्य किन्नर साथियो से भी अपील की है कि सभी लीग कम से कम एक गरीब, बेसहारा लड़की की शादी कराएं.

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