टॉपर ओमप्रकाश गरीब किराना दुकानदार के बेटे, फतुहा में ही पढ़े, विद्यासागर के पिता प्राइमरी टीचर

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Patna: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर से 64वीं संयुक्त परीक्षा का रिजल्ट रविवार को जारी कर दिया गया है। ओम प्रकाश गुप्ता ने टॉप करके इतिहास रच दिया है तो विद्यासागर को दूसरा स्थान मिला है। ओम प्रकाश गुप्ता फतुहा के एक छोटे किराना व्यवसायी के पुत्र हैं। अभाव में पलने के बाद भी उन्होंने सपने बड़े देखे और उसे हासिल भी किया। दूसरी तरफ विद्यासागर सुपौल के रहनेवाले हैं और उनके पिता हरिनंदन यादव सुपौल में प्राइमरी टीचर हैं। मां पावित्री देवी होम मेकर हैं। हालांकि विद्यासागर का चयन पिछले साल IRAS यानी इंडियन रेलवे एकाउंट सर्विस के लिए हो गया और दिसंबर 2020 में उन्होंने उसे ज्वाइन भी कर लिया। अभी उसी सर्विस में हैं। BPSC में उनका पहला प्रयास था और अभी भी कंफर्म नहीं हैं कि बिहार प्रशासनिक सेवा ज्वाइन करेंगे या नहीं। वैसे यही हाल ओम प्रकाश गुप्ता का भी है। वे भी यूपीएससी का इंटरव्यू फेस करनेवाले हैं।

टॉपर ओम प्रकाश गुप्ता गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। फतुहा के सेनारो गांव के रहने वाले हैं। 2012 में आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग पास आउट हुये। ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया – पिताजी की किराना की दुकान है। गांव के स्कूल से ही प्राथमिक शिक्षा हासिल की।बचपन से ही गणित में वे तेज थे। इंजीनियरिंग करने के बाद कई कोचिंग संस्थानों में वे इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले बच्चों को पढ़ाते रहे। उन्होंने बताया कि आगामी यूपीएससी में इंटरव्यू देना है।

विद्यासागर ने बताया- मैं दिल्ली में रहता हूं और यहां रहकर ही पढ़ाई की। हालांकि 10वीं की पढ़ाई मैंने सुपौल नवोदय विद्यालय से की और 12वीं की पढ़ाई भागलपुर नवोदय विद्यालय से। इंजीनियरिंग मैंने NIT तिरची से किया, टेक्निकल में। इंजीनियरिंग तो मैने अभिभावक के कहने पर कर ली थी। लेकिन जब मेरा प्लेसमेंट ‘कैप जिनमी’ नामक कंपनी में हुआ तो उसे छोड़ दी और UPSC की तैयारी करने लगा। वे बताते हैं- मेरी सफलता में मेरे परिवार का बड़ा सपोर्ट रहा। पढ़ाई के तुरंत बाद मेरा प्लेसमेंट हो गया था, पर मैंने नौकरी छोड़ दी। प्रीपरेशन में तनाव काफी हो रहा था। रिजल्ट काफी दिनों बाद आया, जिससे तनाव काफी बढ़ गया।

सबसे अचरज वाली बात यह है कि इस सूची के टॉप टेन में किसी लड़की का नाम नहीं है। एक से दस तक केवल लड़के ही हैं। तीसरे नंबर पर अनुराग आनंद और चौथे टॉपर में विशाल का नाम है। परिणाम सूची के मुताबिक छठे, नौवें और दसवें नंबर के टॉपरों ने बिहार पुलिस सेवा को प्राथमिकता दी है। शेष सात टॉपरों ने बिहार प्रशासनिक सेवा को प्राथमिकता दी है। बिहार प्रशासनिक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक ने बताया – पहले आधिकारिक तौर पर रिजल्ट को पास किया गया। उसके बाद वेबसाइट पर जारी किया गया है। छात्र अपना रिजल्ट आयोग के वेबसाइट पर जाकर आसानी से देख सकते हैं।

BPSC की ओर से जारी रिजल्ट में कहा गया है कि इस बार सभी कोटे में ओम प्रकाश गुप्ता ने टॉप किया है। वहीं विद्यासागर दूसरे स्थान पर रहे। शशांक बर्णवाल को पांचवां, अजीत कुमार को छठा, आलोक कुमार को सातवां, निखिल कुमार को आठवां, राघवेंद्र मणि त्रिपाठी को नौवां और दीपक कुमार को दसवां स्थान मिला है। बोर्ड ने आगे बताया कि इस बार 11 पदों पर रिजल्ट जारी नहीं किया गया है। यानी 1454 पद BPSC की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है – राज्य में अनुमंडल पदाधिकारी एवं वरीय उप समाहर्ता के 28, बिहार पुलिस सेवा के 40, वाणिज्य कर अधिकारी 10, बिहार कारा सेवा के काराधीक्षक दो, आपूर्ति निरीक्षक 223, राजस्व अधिकारी एवं समकक्ष 571, नगर कार्यपालक पदाधिकारी 7, प्रखंड पंचायत पदाधिकारी के 133 पद पर नियुक्ति की जायेगी।

बताते चलें कि 2019 में आयोजित इस परीक्षा में 3 लाख के करीब छात्र शामिल हुये थे। वहीं जुलाई 2019 में मेंस परीक्षा ली गई थी। मेंस में शामिल 3799 उम्मीदवार सफल हुये थे और उन्हें आयोग ने इंटरव्यू के लिये बुलाया था। इनमें 1465 उम्मीदवारों का फाइनल चयन होना है। रिजल्ट BPSC के वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर देखा जा सकता है।

Source: Live Bihar

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