कल रामविलास की हुई लालू से मुलाकात और आज नीतीश के इस मांग का कर दिया विरोध, मौसम का मिजाज बदल रहा है क्या?

राजनीति

पटना: बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर सियासत थमने का नाम नहीं ले रहा है. लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने अपने बयान में इस बात का साफ इशारा दे दिया है. पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने के नॉर्म्स में बिहार फिट नहीं बैठता.

उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा नॉर्म्स के आधार पर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाता है तो इस कतार में और भी कई राज्य शामिल हो जाएंगे. पासवान ने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए बग़ैर ही केंद्र सरकार उस स्तर की हर तरह की आर्थिक मदद मुहैया करायेगी. यह पूछे जाने पर कि जब बिहार विशेष राज्य का दर्जा के नॉर्म्स में फिट नहीं बैठता तो क्या नीतीश सरकार द्वारा यह मांग करना निरर्थक है?

इस सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी चीज की मांग करने में कोई बुराई नहीं है. जब नॉर्म्स में किसी तरह का परिवर्तन होगा या अन्य राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की कवायद शुरू होगी तो हमारा नाम सबसे ऊपर होगा. इसके साथ ही दलित और महादलित समुदाय के फर्क को समाप्त करने के मामले पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी दबे कुचले हो दलित कहा जा सकता है. उसमें हर कोई शामिल हो सकता है लेकिन अनुसूचित जाति और जनजाति वे जातियां हैं जिनका नाम संविधान में दर्ज है और इसमें कोई दूसरा शामिल नहीं हो सकता.

उन्होंने नीतीश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति छात्रों को दिए जाने वाले आर्थिक मदद की घोषणा को स्वागत योग्य बताया. उन्होंने कहा कि SC-ST छात्रों के बीपीएससी और यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद आगे की तैयारी के लिए उन्हें 50 हजार से 1 लाख रुपये देने की घोषणा छात्रों के हित के लिए बड़ा फैसला है.

2019 लोकसभा चुनाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2019 में नरेंद्र मोदी के अलावा किसी के लिए वैकेंसी ही नहीं है. उन्होंने कहा कि विपक्ष में राहुल के साथ ममता और चंद्रबाबू नायडू भी हैं लेकिन अंत में जनता का यही फैसला होने वाला है कि जब एक आदमी काम कर रहा है, देश का नाम रोशन कर रहा है तो उसी को काम करने दो.

बिहार की बिगड़ती क़ानून व्यवस्था पर लोजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस संबंध में सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. साथ ही विपक्ष को भी इस संबंध में सुझाव देना चाहिए कि कानून-व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए क्या किया जा सकता है. संवाददाता सम्मेलन में पशुपालन मंत्री पशुपति कुमार पारस, रामविलास पासवान के अलावा छात्र लोजपा अध्यक्ष प्रिंस राज भी मौजूद रहे.

Source: dbn news

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