टोक्यो ओलंपिक- 49 साल बाद भारतीय हॉकी टीम पहुंची सेमीफाइनल में

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टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जगह बना ली है. टीम 1980 के बाद अंतिम-4 में जगह बनाने में सफल हुई है. टीम ने क्वार्टर फाइनल में ब्रिटेन काे 3-1 से हराया. इसके साथ टीम के मेडल जीतने की उम्मीद भी बढ़ गई है.

ओलंपिक के इतिहास की बात की जाए तो भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 11 मेडल जीते हैं. इसमें 8 गोल्ड मेडल शामिल हैं. टीम ने 1928, 1932, 1936, 1948, 1952, 1956, 1964 और 1980 में गोल्ड मेडल जीता. इसके अलावा भारतीय टीम 1960 में सिल्वर मेडल जीतने में सफल रही थी. इसके अलावा 1968 और 1972 में ब्रॉन्ज मेडल मिला.

इसके बाद पुरुष हॉकी टीम ने ग्रेट ब्रिटेन को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया जहां उसका सामना विश्व चैंपियन बेल्जियम से होगा. भारत ने इससे पहले हॉकी में अपना आखिरी पदक 1980 में मास्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक के रूप में जीता था. तब मैच राउंड रोबिन आधार पर खेले गये थे और शीर्ष पर रहने वाली दो टीमों के बीच स्वर्ण पदक का मुकाबला हुआ था. इस तरह से भारत 1972 में म्यूनिख ओलंपिक के बाद पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचा.

भारतीय हॉकी टीम की जीत में गोलकीपर पी आर श्रीजेश की भूमिका अहम रही. उन्होंने कई शानदार बचाव किये. भारत की तरफ से दिलप्रीत सिंह (सातवें), गुरजंत सिंह (16वें) और हार्दिक सिंह (57वें मिनट) ने गोल किये. ग्रेट ब्रिटेन की तरफ से एकमात्र गोल सैमुअल इयान वार्ड (45वें) ने किया. भारत ने मध्यांतर तक 2-0 की बढ़त बना रखी थी. इसके बाद दूसरे क्वार्टर के शुरू में ही हार्दिक ने ब्रिटिश खिलाड़ियों से गेंद छीनी. इसे उन्होंने गुरजंत की तरफ बढ़ाया जिन्होंने उसे खूबसूरती से गोल के हवाले किया.

भारत को पिछले 41 साल से कोई मेडल नहीं मिला है. भारतीय टीम इस लंबे सूखे का खत्म करना चाहेगी. टोक्यो में भारत ने अब तक 6 मुकाबले खेले हैं और 5 में जीत दर्ज की. एक मैच में उसे ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी. टीम की यह लगातार चौथी जीत भी है.

बेल्जियम की बात की जाए तो उसने अब तक हॉकी में ओलंपिक का गोल्ड मेडल नहीं जीता है. उसे सिर्फ 2 मेडल मिले हैं. 2016 रियो ओलंपिक में टीम ने सिल्वर मेडल जीता था. इससे पहले 1920 में टीम ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रही थी. मौजूदा ओलंपिक की बात की जाए तो बेल्जियम ने अब तक एक भी मुकाबला नहीं गंवाया है. 6 में से 5 मुकाबले जीते हैं, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा है. लेकिन ओलंपिक मेडल के हिसाब से भारतीय टीम का पलड़ा भारी है. ग्रुप मैच में ब्रिटेन ने बेल्जियम को 2-2 से बराबरी पर रोका था. दूसरी ओर भारत ने ब्रिटेन को ही हराकर अंतिम-4 में जगह बनाई.

भारत के टोक्यो में अब तक तीन मेडल पक्के हुए हैं. वेटलिफ्टर मीराबाई चानू सिल्वर जबकि बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं. वहीं महिला बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने सेमीफाइनल में पहुंचकर मेडल पक्का कर लिया है. भारतीय हॉकी टीम सेमीफाइनल में बेल्जियम से भिड़ेगी.

श्रीजेश ने 44वें मिनट में रक्षण के अपने कौशल का बेहतरीन नमूना पेश किया लेकिन ग्रेट ब्रिटेन ने इस क्वार्टर के आखिरी मिनट में चार पेनल्टी कार्नर हासिल किये जिनमें से सैमुअल वार्ड चौथे को गोल में बदलने में सफल रहे. हार्दिक का गोल दर्शनीय था। उन्होंने बीच मैदान से गेंद संभाली और अकेले ही उसे लेकर आगे बढ़े. उनका पहला शॉट ओलिवर पायने ने रोक दिया था लेकिन हार्दिक को फिर से गेंद मिली और इस बार उनका ताकतवर शाट दनदनाता हुआ जाली में उलझ गया. भारत की जीत सुनिश्चित हो गयी. अब भारत की निगाह सोमवार को महिला हॉकी टीम पर रहेगी जो क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया का सामना करेगी.

बुरी तरह से चोटिल मुक्केबाज सतीश कुमार (91 किग्रा से अधिक) विश्व चैम्पियन बखोदिर जालोलोव के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन के बावजूद क्वार्टर में हारकर बाहर हो गए. प्री क्वार्टर फाइनल में लगी चोटों के कारण माथे और ठोड़ी पर कई टांके लगवाकर उतरे सतीश 0-5 से हारे. उन्हें जमैका के रिकार्डो ब्राउन के खिलाफ प्री क्वार्टर फाइनल में दो कट लगे थे.

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