Patna: आमतौर पर कोई भी नहीं चाहता है कि उसको पुलिस थाने और कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े. महिलाएं तो पुलिस के नाम से ही घबराती हैं. लेकिन मध्यप्रदेश में एक ऐसा पुलिस अधिकारी है जिसे उसके क्षेत्र की करीब ढाई हजार लड़कियां और महिलाएं अपना भाई मानती हैं. इतना ही नहीं इस पुलिस अधिकारी के क्षेत्र से ट्रांसफर हो जाने के बाद भी ये महिलाएं अपने इस भाई को डाक और कोरियर के माध्यम से राखी भेजने का काम करती हैं. इंदौर में लोकायुक्त इंस्पेक्टर रहे सतीश पटेल मूलतः खरगोन के रहने वाले हैं.

सतीश पटेल साल 2015 में रक्षाबंधन के अवसर पर सिवनी के छपरा थाने में कार्यरत थे. एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत करते हुए सतीश कहते हैं, इस समय राखी के दिन तक मेरी बहन की राखी मुजे नहीं मिल पाई थी, सबके हाथों पर राखी बंधी हुई थी लेकिन मेरी कलाई सूनी पड़ी थी ये देखकर मुझे अजीब लग रही थी.

कहा कि अचानक मेरे दिमाग में एक ख्याल आया और अपने एक व्हाट्सअप ग्रुप पर मैंने ये स्लोगन लिखा कि पुलिस आपकी मित्र है टीआई आपका भाई है और इसके नीचे लिखा टीआई होने के नाते क्षेत्र की प्रत्येक महिला की रक्षा करना मेरी जिम्मेदारी है. यदि क्षेत्र की कोई महिला या लड़की मुझे राखी बांधना चाहती है ता थाने में उनका भाई स्वागत करेगा. देखते ही देखते कुछ ही पल में ये मैसेज वायरल हो गया, लोगों के लिएये बिल्कुल अनोखी बात प्रतीत हो रही थी.

मैसेज के वायरल हो जाने के बाद थाने की हो सब इंस्पेक्टर ने ड़रते-ड़रते पूथा कि कि सर क्या हम आपको राखी बांध सकते हैं बदले में मैंने अपना हाथ उनके आगे बढ़ा दिया, शाम तक करीब 70 महिलाएं जिनमें कुछ स्कूल और कालेज की छात्राए भी थी, वो राखी, नारियल और मिठाई लेकर थाने आ गई और उन्होंने मुझे राखी बांधी.सतीश बताते हैं कि ये सोच समझकर की गई एक्टिविटी नहीं थी लेकिन पुलिस की ड्यूटी के दौरान इसका जबर्दस्त फायदा देखने को मिला, क्षेत्र के लोगों में ये विश्वास जागा कि पुलिस भी भाई की ही तरह मददगार भी हो सकती है.

मैंने राखी बांधने वाली हर महिला को अपना मोबाइल नंबर दे दिया और उनसे कहा कि वो जब भी किसी तरह की मुसीबत में हो या अपने आसपास किसी प्रकार का क्राइम होता देखें तो अपने इस भाई को सिर्फ एक घंटी दे दें ताकि आपका भाई आपकी मदद करने के लिए आगे आए.

Source: Daily Bihar

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