पटना: भारतीय रेल जल्‍द ही अपनी हाई स्‍पीड वाली इंजन रहित ट्रेन T-18 पटरियों में उतारने जा रही है. बिना लोको इंजन वाली इस ट्रेन का निर्माण चेन्‍नई की कोच फैक्‍टरी में किया जा रहा है. रेलवे अगली पीढ़ी की इस ट्रेन को 2018 में लांच करने जा रही है, इसीलिए इस ट्रेन का नाम T-18 रखा गया है. खास तकनीक से तैयार की गई ट्रेन  T-18 के पटरी में उतरने के बाद मुसाफिरों को न केवल नए अनुभव का एहसास होगा, बल्कि यह ट्रेन भारतीय रेलवे को नई ऊंचाई तक पहुंचाएगी. कोच फैक्‍टरी के जनरल मैनेजर सुधांशु मनी के अनुसार, स्‍वचलित सेमी स्‍पीड वाली ट्रेन T-18 का डिजाइन कुछ तरह से तैयार किया गया है, जिससे इस ट्रेन को 160 किमी प्रति घंटा कीर रफ्तार से दौड़ाया जा सके. T-18के सफल परीक्षण के बाद भविष्‍य में शताब्‍दी ट्रेनों को इनसे रिप्‍लेस करने की योजना है. उन्‍होंने बताया कि अभी तक इस ट्रेन को जुलाई 2018 तक परिचालन में लाने की योजना थी, लेकिन कुछ दिक्‍कतों के चलते इस तारीख को बदल दिया गया है. अब इस ट्रेन को सितंबर 2018 में परिचालन के लिए ट्रैक पर उतार दिया जाएगा.

क्‍या हैं T-18 की खूबियां 
चेन्‍नई स्थित इंट्रेगरल कोच फैक्‍टरी में तैयार T-18 ट्रेन शत प्रतिशत मेक इन इंडिया है. विदेशों से आयातित की जाने वाली समान तकनीकी वाली ट्रेन की कीमत से T-18 की कीमत करीब आधी है. फैक्‍टरी से निकलने वाली पहली T-18 में 16 एग्‍जीक्‍यूटिव और नॉन एग्‍जीक्‍यूटिव कोच होंगे. प्रत्‍येक ट्रेन में 2 एग्‍जीक्‍यूटिव और 14 नॉन-एग्‍जीक्‍यूटिव क्‍लास के कोच होंगे.
एग्‍जीक्‍यूटिव क्‍लास के कोच में अधिकतम 56 मुसाफिरों के बैठने की व्‍यवस्‍था होगी. वहीं नॉन-एग्‍जीक्‍यूटिव क्‍लास के कोच में अधिकतम 78 मुसाफिर बैठ सकेंगे.

T-18 ट्रेन के सभी कोच को स्‍टेलनेस स्‍टील से तैयार किया गया है. इस ट्रेन को टेस्टिंग करीब 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार में की गई है. T-18 में खिड़कियों के लिए सिंगल ग्‍लास पैनल लगाया गया है. पूरी तरह से वातानुकूलित इस ट्रेन में बेहत आरामदायक सीटों को लगाने के साथ बेहतरीन इंटीरियर लाइटिंग की व्‍यवस्‍था की गई है. इस ट्रेन में मुसाफिरों को वाईफाई के साथ इंफोटेनमेंट की सुविधा भी उपलब्‍ध कराई जाएगी. इसके अलावा, इस ट्रेन में जीपीएस आधारित पैसेंजर इंफार्मेशन सिस्‍टम भी लगाया गया है.

T-18 में ऑटोमैटिक दरवाजों के साथ स्‍लाइडिंग सीढ़ियां भी लगाए गई हैं. स्‍टेशन में ट्रेन पहुंचने के बाद इन सीढ़ियां को खोला जाएगा, जिससे मुसाफिर आसानी से डिबोर्ड और बोर्ड हो सकें. इस ट्रेन में ऑटोमैटिक इंटरकनेक्टिंग डोर भी लगाए गए हैं. जिससे ट्रेन के भीतर के क्षेत्र को आवाजाही के लिए सुविधाजनक बताने हुए अतिरिक्‍त जगह उपलब्‍ध कराई जा सके. इस ट्रेन में जीरो डिस्‍चार्ज बायो वैक्‍यूम टॉयलेट और टच फ्री बॉथरूम भी लगाए गए हैं. साथ ही, इस ट्रेन के लगेज रैक को अतिरिक्‍त जगह उपलब्‍ध कराई गई है. T-18 ट्रेन में व्हीलचेयर पार्क करने की जगह भी उपलब्‍ध कराई गई है.

कब कर सकेंगे इस ट्रेन में सफर
कोच फैक्‍टरी के जनरल मैनेजर सुधांशु मनी के अनुसार, 16 कोच वाली T-18 ट्रेन को फैक्‍टरी से सितंबर 2018 में ट्रैक पर उतार दिया जाएगा. आशा जताई जा रही है कि  T-18 ट्रेन का कामर्शियल ऑपरेशन नवंबर 2018 में शुरू कर दिया जाए. उन्‍होंने बताया कि फैक्‍टरी से निकलने के बाद इस ट्रेन की RDSO और CRS द्वारा फाइनल टेस्टिंग की जाएगी.  RDSO और CRS से क्‍लीयरेंस मिलते ही इन ट्रेनों का कामर्शियल ऑपरेशन शुरू दिया जाएगा. जिसके बाद इन ट्रेनों को तेजस और शताब्‍दी से रिप्‍लेस करने का प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. संभावना जताई जा रही है कि इन ट्रेनों का किराया, मौजूदा शताब्‍दी ट्रेनों के किराए से अधिक हो सकता है.

इन रूट्स पर चलेगी T-18
रेलवे के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, T-18 ट्रेनों का परिचालन पांच से छह घंटे की दूरी वाले गंतव्‍यों के लिए किया जाएगा. फिलहाल इन ट्रेनों को पांच रूटों पर चलाए जाने की योजना है. जिसमें दिल्‍ली-चंडीगढ़, दिल्‍ली-कानपुर, दिल्‍ली-लखनऊ, मुंबई-पुणे और चेन्‍नई-हैदराबाद रूट शामिल है.

Source: Zee News

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