बिहार के ये बेटे-बेटियाँ हो सकते हैं भविष्य में भारतीय राजनीति के बड़े चेहरे

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बिहार की भूमि हमेशा से एक राजनीतिक समर रही है. यहाँ के लोगों के खून में राजनीति बसती है. हमारे यहाँ चर्चे का विषय भी सबसे ज़्यादा यही होता है. इस राज्य ने कई ऐसे राजनेता दिए हैं जिन्होंने देश की राजनीति में अपनी पहचान बनाई और कई ने कड़ी चुनौती भी पेश की.चंद्रगुप्त, लोहिया, राजेंद्र प्रसाद, जेपी और दिनकर की धरती से निकलने वाले ये युवा भविष्य में भारतीय राजनीति के प्रमुख चेहरों के रूप में उभर सकते हैं.
जानिये कौन हैं ये…

जान्हवी ओझा

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की छात्र नेत्री जान्हवी ओझा बिहार की छपरा से हैं. वो जेएनयू में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की उपाध्यक्ष हैं. जाह्नवी ने अपना स्नातक और स्नातकोत्तर काशी हिंदू विश्वविद्यालय से जीवविज्ञान में किया है.

फिलहाल वो जेएनयू से अपना पीएचडी कर रही हैं. पिछले साल हुए जेएनयू छात्र संघ चुनाव में इन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का नेतृत्व कर अपना ध्यान आकर्षित किया. ये अभाविप की ओर से अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रही थीं.

इनके नेतृत्व और भाषणों का प्रभाव कुछ यूँ था कि जेएनयू में परंपरागत रूप से जीतने वाली पार्टियों को भी इन्हें हराने के लिए एक होना पड़ा ये अध्यक्ष पद का चुनाव बेशक हार गई लेकिन अपने नेतृत्व कौशल से इन्होंने ये बता दिया कि जेएनयू कैंपस में वामपंथी पार्टियों को ये कड़ी टक्कर देने वाली हैं.

इन्होंने विश्वविद्यालय की समस्याओं के खिलाफ़ कई बार अपना आवाज़ बुलंद किया है. बिहार से आने वाली इस बेटी को आने वाले सालों में एक कुशल नेत्री के रूप में देखा जा सकता है.

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