बिहार की चीनी से मुंह मीठा करेगा पूरा देश, रैयाम चीनी मिल को शुरू करने की कवायद शुरू

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पटना: इलाके के लोगों की बहुप्रतीक्षित पुरानी मांग की पूर्ति का सोमवार को श्री गणेश हुआ। लगता है अब रैयाम चीनी मिल बनकर रहेगा। श्री तिरहुत इंडस्ट्रीज लिमिटेड के जीएम चंद्रशेखर सिंह ने किए गए वायदे के अनुसार रैयाम चीनी मिल को बनाए जाने के लिए विधिवत कार्य प्रारंभ कराया। मौके पर मिल के केयर टेकर बैद्यनाथ सिंह बैजू ने बताया कि कार्य शुरू हो गया है। जानकारी के अनुसार, प्रखंड क्षेत्र का रैयाम इलाका दरभंगा-मधुबनी सीमा से जुड़े दरभंगा जिला का एकमात्र बड़ा उद्योग रैयाम चीनी मिल वर्ष 1995 से बंद पड़ा था। इसके फिर से बनाए जाने व चालू होने के आसार धूमिल होते जा रहे थे।

मुख्य मशीन लगाने की चल रही कवायद 
जेसीबी ट्रैक्टर व अभियंताओं की टोली के साथ लेबर मिस्त्री लग गए हैं। परिसर में ले-आउट के बाद जमीन की खुदाई प्रारंभ हो गई है। मुख्य मशीन जहां ईख पेराई होगी वहां खुदाई हो रहा है। बॉयलर,कुलिंग टॉवर, पावर हाउस बनाए जाएंगे। इसमें हाईटेक इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन इंडिया प्राइवेट लिमिडेट पुणे के इंजीनियर महेश ढगे अपने टीम के विक्रम, चंदन, राहुल यादव, वसीम खां के साथ कार्य प्रारंभ कराया है। जीएम सिंह ने बताया कि शीघ्र ही भवन निर्माण सामग्री मंगा ली जाएगी और निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि टेक्निकल लोग तो बाहर के भी होंगे लेकिन बड़े पैमाने पर स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिल सकेगा। मिल के मालिक प्रदीप चौधरी चाहते हैं कि इंडस्ट्रीज से उत्पादन के साथ लोगों को रोजगार भी मिले। चीनी मिल निर्माण कार्य प्रारंभ होने से स्थानीय आमलोग, गन्ना उत्पादक किसान, व्यापारी, राजनेता समेत हर वर्ग के लोगों में खुशी का माहौल है। बता दें कि सोमवार के ही संस्करण में दैनिक भास्कर ने यह खबर प्रमुखता से छापी थी कि यहां काम अब आकार लेने वाला है जो सोमवार से शुरू भी हो गया।

 

विद्युत उत्पादन भी होगा : 500 टीसीबी क्षमता की चीनी मिल के साथ-साथ 28 मेगावाट विद्युत उत्पादन व 60 केएलपी इथेनौल बनाने की फैक्ट्री भी लगाई जाएगी। एमडी प्रदीप कुमार चौधरी ने बताया कि मिल बनाने की दिशा में सरकारी प्रकिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने निर्माण कार्य पूरा होने के बाद दिसंबर 2018 से मिल चालू होने की बात कही। मौके पर उनके साथ कंपनी के प्रेसिडेंट जयंत ओले, मार्केटिंग मैनेजर दीपक रंजन, डिजाइन ऑफसर महेश तुंगे, विक्रम वाटे, मिल के जीएम चन्द्र शेखर सिंह, सुपरवाइजर संदीप कुमार झा व बैजू कुमार आदि उपस्थित थे।

1995 में बंद हो गई थी मिल : देश व विदेशों में अच्छी किस्म की चीनी उत्पादन के लिए मशहूर इस फैक्ट्री को 1995 में बन्द कर दिया गया था। बताया जाता है कि पुराने मॉडल की जजर्र मशीन के कारण उत्पादन क्षमता कम हो गई थी। रैयाम चीनी मिल की स्थापना 1914 में हुई थी। 1973 में राज्य सरकार ने इसका अधिग्रहण किया था। मिल बंद होने के बाद तत्कालीन एनडीए सरकार ने इसे चालू की कवायद शुरू की। 15 अप्रैल 2010 को तत्कालीन ओएस गणपति मिश्र ने मिल की चाबी कंपनी को सौंपी थी। तब कंपनी के एमडी ने 2011 में मिल चालू करने की घोषणा की थी।

Source: live bihar

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