भयानक तूफान का खतरा अभी टला नहीं, अगले 12 घंटे को लेकर अलर्ट जारी

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पटना: मई की भीषण गर्मी के बीच अचानक आए तूफान ने सैकड़ों लोगों की जान ले ली. यूपी, राजस्थान, मप्र, झारखंड, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली में धूल भरी आंधी आई तो वहीं तेलंगना, बंगाल और आंध्र में आंधी के साथ बारिश हुई. आज भी उत्तराखंड और उससे सटे इलाकों में अगले 12 घंटों में भारी बारिश तूफ़ान की संभावना है.

मौसम के अचानक बदल जाने के पीछे वैज्ञानिकों का कहना है कि तूफ़ान वेदर सिस्टम के दुर्लभ मेल की वजह से आया है, जो अमूमन आने वाले तूफानों के पैटर्न से अलग रहा है.

वेस्टर्न डिस्टरबेंस से राजस्थान, पंजाब व हरियाणा के ऊपर चक्रवात बना. इससे गरजने वाले बादल बने, जो यूपी होते हुए बिहार पहुंचे और बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पाक और जम्मू कश्मीर से आ रही नमी इस चक्रवात को मिली.

तापमान ज्यादा होने की वजह से कुछ ही घंटों में तूफान जैसा माहौल बन गया. मालूम हो कि ऐसा सूखे इलाकों में अक्सर होता है कि जब 90% तक नमी वाली हवाएं भारी मात्रा में अचानक पहुंच जाती हैं, तो इससे गरज वाले बादल बनने लगते हैं और तूफान जैसी स्थिति पैदा हो जाती है. यही वजह रही कि अचानक तूफान बन गया.

फिलहाल मौसम विभाग ने दो दिन के लिए चेतावनी जारी की है. राजस्थान और यूपी में फिर धूल की आंधी आ सकती है. इन इलाकों में चक्रवात की स्थिति बन रही है. इसका असर राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में पड़ सकता है.

बता दें कि बुधवार को 132 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए इस तूफान में 8 राज्यों में अब तक कम से कम 114 लोगों की मौत हो गई है. सबसे ज्यादा तबाही उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हुई है.

इस तूफान से उत्तर प्रदेश में अब तक 73 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं राजस्थान में करीब 36 लोगों की मौत हो चुकी है. उत्तरप्रदेश और राजस्थान में आंधी-तूफान के कारण जनहानि पर दुख प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को राज्यों के साथ समन्वय बनाने और प्रभावितों को तुरंत राहत प्रदान किया जाना सुनिश्चित करने को कहा है.

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