governor satya pal malik

राज्यपाल ने सरकारी निजी बीएड कॉलेजों में कॉमन एंटरेंस टेस्ट को दी मंजूरी

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पटना: राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राज्य के सभी सरकारी और निजी बीएड कॉलेजों में नामाकंन में हो रही धांधली को रोकने के लिए ठोस कदम उठाते हुए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीईटी-बीएड) की स्वीकृति दे दी है. परीक्षा अगस्त महीने में होगी.

नालंदा खुला विश्वविद्यालय द्वारा संचालित होगी परीक्षा

संयुक्त प्रवेश परीक्षा परीक्षा लेने की जिम्मेवारी नालंदा खुला विश्वविद्यालय को दी गई है. परीक्षा आयोजित होने के एक महीने के अंदर परीक्षा परिणाम जारी करने की समय सीमा निर्धारित कर दी गई है. परीक्षा कुल 120 अंकों की होगी. राजभवन से जारी बयान में कहा गया है कि राज्यपाल-सह-कुलाधिपति ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीईटी-बीएड) के लिए परिनियम को अनुमोदित करने की स्वीकृति दे दी है.

कुलाधिपति ने ‘‘बिहार राज्य विविद्यालय अधिनियम 1976, ‘‘पटना विविद्यालय अधिनियम 1976, नालन्दा खुला विविद्यालय अधिनियम 1995 एवं ‘‘आर्यभट्ट ज्ञान विविद्यालय अधिनियम 2008 में अन्तर्निहित अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए कुलपतियों की गठित त्रिसदस्यीय सलाहकार समिति की रिपोर्ट की अनुशंसा के आलोक में बिहार के राज्य विविद्यालयों से मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के लिए सीईटी की स्वीकृति दी है. इस संबंध में राज्यपाल सचिवालय द्वारा संबंधित सभी विविद्यालयों के कुलपतियों को अनुमोदित परिनियम की प्रतियां भेज दी गई हैं.

टेस्ट को मिली वैधानिक स्वीकृति

कुलाधिपति के इस अनुमोदन के बाद राज्य में सीईटी परीक्षा को वैधानिक स्वीकृति प्राप्त हो गई है तथा इसके आयोजन का मार्ग प्रशस्त हो गया है. इस अनुमोदित परिनियम में सामान्य निर्देश, परीक्षा आयोजन की प्रक्रिया, शुल्क, आरक्षण-नीति, नामांकन-प्रक्रिया, अभ्यर्थी की पात्रता आदि के बारे में उल्लेख है. अनुमोदित परिनियम के जरिए यह प्रावधान किया गया है कि सत्र 2018-20 के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए निबंधन, आवेदन, शुल्क-भुगतान, परीक्षा तिथि, काउंसलिंग की तिथि तथा वर्ग-संचालन की व्यवस्था आदि के बारे में स्पष्ट जानकारी प्रकाशित की जाएगी. परिनियम में प्रावधान है कि इस परीक्षा के लिए आवेदन ऑनलाइन स्वीकृत होगा. इस परीक्षा आयोजन के लिए सभी विविद्यालयों के स्तर पर तथा राज्य स्तर पर अलग-अलग नोडल पदाधिकारी होंगे.

यह होगा पाठ्यक्रम

इस प्रवेश-परीक्षा के पाठ्यक्रम के अनुसार सामान्य अंग्रेजी से संबंधित 15 प्रश्नों के लिए 15 अंक, सामान्य हिन्दी के 15 प्रश्नों के लिए 15 अंक, तर्कशास्त्र एवं रीजनिंग के25 प्रश्नों के लिए 25 अंक, सामान्य ज्ञान 40 प्रश्नों के लिए 40 अंक तथा तकनीकी एवं विद्यालय के वातावरण के 25 प्रश्नों के लिए 25 अंक निर्धारित हैं. इस तरह यह परीक्षा 120 अंकों की होगी. उत्तर के लिए ओएमआर शीट का प्रावधान किया गया है. परीक्षा में गलत उत्तरों के लिए ‘‘निगेटिव मार्किग’ का प्रावधान नहीं है. परीक्षा-शुल्क के रूप में सामान्य वर्ग के लिए 1000 रुपये, ईबीसी/ओबीसी/महिला एवं दिव्यांग के लिए 750 रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों के लिए 500 रुपये की राशि निर्धारित की गई है. परीक्षा-आयोजन में जिला प्रशासन का भी अपेक्षित सहयोग प्राप्त किया जायेगा.

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