पकड़ा गया है ऐसा शातिर जो सॉफ्टवेयर के जरिए करता था रेलवे के रिजर्वेशन सिस्टम को क्रैक

खबरें बिहार की

पटना: राजधानी में एक बड़ा मामला सामने आया है. पटना में एक ऐसा शातिर पकड़ा गया है, जो रेलवे के रिजर्वेशन सिस्टम को ही क्रैक कर देता था. आईआरसीटीसी के वेबसाइट को ही कुछ समय के लिए डिस्टर्ब कर देता था. जिसके बाद मिनटों में ये शातिर इंटरनेट से तत्काल व नॉर्मल के 20 से 30 टिकट निकाल लिया करता था. इसकी तेजी की वजह से जरूरतमंद पैसेंजर्स को तत्काल का टिकट नहीं मिल पाता था. पकड़े गए शातिर का नाम अविनाश कुमार चौधरी है. आरपीएफ की टीम ने इसे न्यू जक्कनपुर के बंगाली टोला में छापेमारी कर गिरफ्तार किया. इसके पास से रेलवे के 22 ई—टिकट बरामद किए गए.

रेलवे रिजर्वेशन सिस्टम को क्रैक करने के लिए पकड़ा गया शातिर अविनाश रेड मिर्ची नाम के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता था. इसने शहर के टिकट दलालों से सांठ—गांठ कर रखी थी. मुंह मांगी कीमत मिलने पर ये टिकट दलालों को ​मैसेज और ई—मेल के जरिए टिकट भेज दिया करता था. इसकी ये शातिरगिरी लंबे अरसे से चल रही थी.

रेलवे को चुना लगाने के खेल के बारे में आरपीएफ की टीम को पता चल चुका था. लेकिन अविनाश के बारे में कोई ठोस क्लू मिल नहीं पा रहा था. इसके खिलाफ ठोस सबूत खोजने और उसे पकड़ने की जिम्मेवारी राजेन्द्र नगर आरपीएफ के इंस्पेक्टर आरआर क​श्यप और उनकी टीम को दी गई. आरआर कश्यप की टीम ने पहले भी कई टिकट दलालों को पकड़ा था. उनसे किए गए पूछताछ के आधार पर ही ठोस अविनाश की करतूतों का ठोस आधार मिला. टीम ने गहन छानबीन के बाद न्यू बंगाली टोला में छापेमारी की और अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया. रेलवे एक्ट की धारा 143 के तहत एफआईआर दर्ज कर अविनाश को जेल भेज दिया गया है.

अपनी कार्रवाई के दौरान आरपीएफ ने अवनिाश के ठिकाने से कंप्यूटर भी सीज किया. कंप्यूटर की जांच के बाद ही रेड मिर्ची नाम सॉफ्टवेयर के बारे में आरपीएफ की टीम को पता चला. अब आरपीएफ की टीम रेड मिची के बिहार प्रोजेक्ट के हेड को खोज रही है. इसका पकड़ा जाना बेहद जरूरी है. इसके गिरफ्त में आने के बाद ही पता चल पाएगा कि और कितने लोग इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं.

Source: Live Cities

Leave a Reply

Your email address will not be published.