Patna: यूएई में रह रहे करीब 33 लाख भारतीयों के लिए 15 लाख की आबादी वाला शहर अबुधाबी जल्द ही आस्था का केंद्र बन जाएगा। अबुधाबी में पहला हिंदू मंदिर बन रहा है, जिसका काम तेजी से चल रहा है। 16.7 एकड़ में बन रहे मंदिर परिसर में 450 मिलियन दिरहम (करीब 900 करोड़ रुपए) खर्च होंगे। अनुमान है कि 2023 तक मंदिर निर्माण पूरा हो जाएगा। इस मंदिर में 2000 से ज्यादा कलाकृतियां लगाई जाएंगी। इसके लिए 3000 से ज्यादा मजदूर और शिल्पकार काम कर रहे हैं। मंदिर में करीब 5,000 टन इटैलियन कैरारा मार्बल का इस्तेमाल होगा।

मंदिर में लगने वाले पत्थर और कलाकृतियों की नक्काशी राजस्थान और गुजरात में हो रही है। मंदिर का बाहरी हिस्सा करीब 12,250 टन गुलाबी बलुआ पत्थर से बनेगा। माना जाता है कि इन पत्थरों में भीषण गर्मी झेलने की क्षमता होती है और 50 डिग्री में भी गर्म नहीं होता है। इस मंदिर का निर्माण बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) करवा रही है। यह मंदिर अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर बनाया जा रहा है।

हालांकि, आकार में यह दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से छोटा होगा। मालूम हो, दुबई में दो मंदिर (शिव और कृष्ण के) और एक गुरुद्वारा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 फरवरी 2018 को 1700 भारतीयों की मौजूदगी में मंदिर का शिलान्यास किया था। इसके करीब दो साल बाद मंदिर का निर्माण शुरू हो सका। यह मंदिर यूएई के मिशन ऑफ हैप्पीनेस एंड हार्मनी के तहत बनाया जा रहा है।

मंदिर में लगने वाली नक्काशी वाली मूर्तियां भारत की समृद्ध संस्कृति और इतिहास को दर्शाती हैं। इनमें अरबी प्रतीकों को भी शामिल किया गया है। बीएपीएस के इंजीनियर्स की देखरेख में मंदिर का निर्माण हो रहा है। संस्था की टीम प्रतिदिन हो रहे कामों का जायजा लेती है। इस भव्य मंदिर परिसर में प्रार्थना हॉल, लाइब्रेरी, खेल का मैदान, बगीचा, पानी की सुविधाएँं, फूड कोर्ट, दुकानें और पार्किंग की भी सुविधा होगी।

Source: Daily Bihar

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