IPL में वीआईपी सीट छोड़ दर्शकों के बीच बैठा ये मशहूर भारतीय क्रिकेटर, लग चुका है बैंक की लाइन में

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पटना: द्रविड़ को साथ बैठा देख दर्शक हुए खुशबैंगलोर के एम चिन्‍नास्‍वामी स्‍टेडियम में रविवार को आईपीएल का 29वां मैच खेल गया। बीच मैच में बारिश ने खलल डाला इसके बाद मैदान पर लगी स्‍क्रीन पर एक पूर्व भारतीय खिलाड़ी की फोटो दिखाई दी। अंतर्रराष्‍ट्रीय क्रिकेट से संन्‍यास ले चुके राहुल द्रविड़ को स्‍क्रीन पर देख हर कोई खुश हो गया। इस खुशी की वजह थी द्रविड़ का आम दर्शकों के बीच बैठना।

जी हां भारत के दिग्‍गज क्रिकेटरों में शुमार द्रविड़ वीआईपी बॉक्‍स छोड़कर आम जनता के बीच बैठकर मैच का आनंद ले रहे थे। द्रविड़ की यह सादगी दर्शकों को बहुत पसंद आई। आपको बता दें राहुल हमेशा से जमीन से जुड़े माने जाते हैं। पिछले साल उन्‍हें एक बैंक की लाइन में खड़े देखा गया था जिसकी तस्‍वीर वायरल होते ही लोगों ने उनकी खूब वाहवाही की।

ये 5 मौके बताते हैं द्रविड़ सिर्फ क्रिकेट नहीं असल जिंदगी के भी हैं जेंटलमैनसभी को दिलाया बराबर पैसाअंडर-19 टीम के वर्ल्‍ड कप जीतने पर उन्हें 50 लाख रुपए मिल रहे थे, जबकि अन्य सपोर्टिंग स्टाफ को 25-25 लाख। इस बारे में द्रविड़ का कहना था कि इस जीत में जितनी भूमिका उनकी है उतनी ही सपॉर्ट स्टाफ की भी। सभी को बराबर पैसे मिलने चाहिए।

बीसीसीआई ने उनकी अपील मंजूर कर ली। बीसीसीआई ने पहले घोषणा की थी कि हेड कोच राहुल द्रविड़ को 50 लाख रुपए, सपोर्ट स्टाफ को 20 लाख रुपए और खिलाडिय़ों को 30 लाख रुपए दिए जाएंगे, लेकिन फिर इसे बदल दिया गया। अब हेड कोच द्रविड़ और सपॉर्ट स्टाफ दोनों को 25-25 लाख रुपए मिले। राहुल द्रविड़ की अपील का फायदा फॉर्मर ट्रेनर राजेश सावंत को हुआ है, जिनका पिछले साल निधन हो गया था। खबरों की मानें तो कोच राहुल द्रविड़ ने बीसीसीआई से अपील की थी कि सभी को समान राशि मिलनी चाहिए। इसके लिए चाहे तो उनके पैसे कम कर दिए जाएं। उनकी इस अपील से बीसीसीआई के कई अधिकारी हैरान थे।

कैंसर पेशेंट की पूरी की आखिरी इच्‍छासाल 2017 की बात है एक युवक जोकि कैंसर पेंशेंट था। उसकी आखिरी इच्‍छा थी कि वह राहुल द्रविड़ से मिल सके। उस वक्‍त द्रविड़ आईपीएल में व्‍यस्‍त थे। इसके बावजूद उन्‍होंने थोड़ा टाइम निकाला और कैंसर पेशेंट के साथ स्‍काईप पर करीब 1 घंटे वीडियो कॉल की। यही नहीं द्रविड़ ने फेस टू फेस न मिल पाने पर माफी भी मांगी। द्रविड़ सिर्फ क्रिकेट ही नहीं उसके बाहर भी एक महान इंसान हैं।इंटरनेशनल खिलाड़ी होकर खेला क्‍लब मैचराहुल द्रविड़ कितने बड़े खिलाड़ी रहे हैं यह हम सभी जानते हैं। टेस्‍ट में उन्‍हें द वॉल नाम से जाना जाता है। एक बार वह क्रीज पर जम जाते थे तो किसी भी गेंदबाज के लिए उन्‍हें आउट कर पाना मुश्‍किल हो जाता था। इंटरनेशनल खिलाड़ी होने के बावजूद द्रविड़ क्‍लब मैच खेला करते थे।

एक बार की बात है द्रविड़ ने जिस क्‍लब से क्रिकेट खेलना सीखा था उसे एक मैच में जीत की आवश्‍यकता था। अगर वो मैच हार जाते तो उस क्‍लब की वरीयता खत्‍म कर दी जाती। ऐसे में वहां के कोच ने राहुल द्रविड़ से रिक्‍वेस्‍ट की वो इस मैच में खेल लें ताकि उनकी टीम जीत सके। यह वो दौर था जब द्रविड़ बड़े खिलाड़ी बन चुके थे। मगर उन्‍होंने जरा भी देर न करते हुए क्‍लब की तरफ से खेलने के लिए हामी भर दी। इस मैच को सिर्फ 20 दर्शक देख रहे थे फिर भी द्रविड़ ने वो मैच खेला और क्‍लब को जीत दिलाई।

विरोधियों की भी करते हैं मददराहुल द्रविड़ को अपने साथी खिलाड़ियों से खूब इज्‍जत मिली। सिर्फ भारत ही नहीं विदेशी खिलाड़ी भी द्रविड़ की खूब तारीफ करते हैं। एक बार इंग्‍लैंड की टीम भारत दौरे पर टेस्‍ट खेलने आई थी। उस वक्‍त भारतीय स्‍पिनर्स ने इंग्‍लिश बल्‍लेबाजों को खूब परेशान किया था। खासतौर से केविन पीटरसन को स्‍िपन गेंदों को खेलने में काफी दिक्‍कत आ रही थी। तब राहुल द्रविड़ ने एक लेटर लिखकर पीटरसन को स्‍िपन खेलने के टिप्‍स दिए। द्रविड़ ने अपने पत्र में बकायदा पूरी डिटेल लिखी कि कैसे भारतीय गेंदबाजों को सामना करना है।

द्रविड़ की यह स्‍पोर्ट्समैन स्‍पिरिट देख सभी उनकी तारीफ करते हैं।सीनियर टीम को तो कोई भी कोच मिल जाएगाक्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद राहुल द्रविड़ के पास भारतीय क्रिकेट टीम का कोच बनने का ऑफर आया था। मगर द्रविड़ ने इस ऑफर को यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि, उनकी पहली प्राथमिकता भारत की अंडर 19 क्रिकेट टीम है। क्‍योंकि सीनियर टीम को तो कोई भी अच्‍छा कोच मिल जाएगा। परंतु जो भारतीय क्रिकेट का भविष्‍य हैं उसको सही दिशा में ले जाना ज्‍यादा जरूरी है। यही वजह है कि द्रविड़ ने अंडर 19 टीम का कोच पद ग्रहण किया और परिणाम आज हमारे सामने है। द्रविड़ की अच्‍छी कोचिंग का ही नतीजा है कि भारत अंडर 19 वर्ल्‍ड कप 2018 का चैंपियन बना।

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