परिवार में चार पीढ़ी से बन रहे डॉक्टर, सबका कॉलेज भी एक

जिंदगी

पटना: शहर में एक परिवार ऐसा भी है, जिसकी चार पीढ़ियां चिकित्सकीय कार्य कर चुकी या कर रही हैं और अब पांचवी पीढ़ी भी चिकित्सक बन चुकी है। लगभग 100 साल से चिकित्सकीय कार्य कर रहे शुक्ला परिवार के सदस्य ग्वालियर स्टेट में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में परिवार के सदस्य शहर में निजी अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं तो अगली पीढ़ी भी पढ़ाई पूरी करके चिकित्सकीय सेवा करने को तैयार है। शहर में शुक्ला चौक में स्थित शुक्ला हॉस्पिटल में मरीजों का उपचार कर रहे डॉ. संतोष शुक्ला अपने परिवार की चौथी पीढ़ी है, जो यही पेशा अपनाए हुए हैं।

इनकी पत्नी ज्योति शुक्ला भी चिकित्सक हैं तो बेटा डॉ. अनुभव शुक्ला एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करके अब इंटर्नशिप कर रहे हैं। पुत्री डॉ. अमिधा शुक्ला एमएस (गायनोलाजिस्ट) में अध्ययरत हैं। शुक्ला परिवार का शहर से नाता इतना पुराना है कि इनके नाम से एक पूरी कॉलोनी ही बस गई हैं। दादाजी आरएमओ से रिटायर्ड हुए और यही बस गए डॉ. संतोष शुक्ला बताते हैं कि हमारा परिवार मूल रूप से उप्र का रहने वाला है।

1945 में दादाजी डॉ. बसंतीप्रसाद शुक्ला मंदसौर में ही आरएमओ के पद से रिटायर्ड हुए थे और उसके बाद यहीं बस गए। इनके परदादा डॉ. हरिराम शुक्ला, दादा डॉ. बसंतीप्रसाद शुक्ला, पिता डॉ. सत्यनारायण शुक्ला के बाद संतोष शुक्ला व उनके भाई अशोक शुक्ला भी चिकित्सक बने और अब संतोष शुक्ला के बेटे-बेटी भी चिकित्सक बन गए है।

चार पीढ़ी ने एक ही कॉलेज में की पढ़ाई

परदादा डॉ. हरिराम शुक्ला से लेकर संतोष शुक्ला तक ने एक ही मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई की है। इंदौर का वर्तमान महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज आजादी के पहले किंग एडवर्ड मेडिकल स्कूल कहलाता था। डॉ. हरिराम शुक्ला, डॉ. बसंतीप्रसाद शुक्ला, डॉ. सत्यनारायण शुक्ला व डॉ. संतोष शुक्ला ने यहीं से डॉक्टरी की पढ़ाई की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.