आगामी 30 अप्रैल को भगवान बदरीनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। कपाट ब्रह्म मुहूर्त में प्रात: 4 बजकर 30 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।  भगवान बद्री विशाल के महाभिषेक के लिए 18 अप्रैल को तिलों का तेल पिरोया जाएगा। बसंत पंचमी के धार्मिक पर्व पर नरेंद्र नगर स्थित टेहरी नरेश के राज दरबार में बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की विधिवत घोषणा कर दी गई है। कपाट खुलने की तिथि घोषित होने के साथ ही भगवान बद्रीविशाल के नित्य महा अभिषेक पूजा में प्रयुक्त होने वाले तिलों  के तेल पिरोने की  तिथि भी 18 अप्रैल निश्चित की गई है।

मुद्र सतह से साढ़े दस हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित मंदिर में भगवान बदरीविशाल पदमासन्न मुद्रा में विराजमान हैं। भगवान बदरीनाथ के दर्शन करते ही श्रद्धालु श्रद्धा और आस्था से भावविभोर हो  जाते हैं।कपाट खुलने के समय श्री बदरीनाथ धाम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहते हैं। बड़ी संख्या में देशभर से पहुंचे श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए कतारों में खड़े रहते हैं।

आपको बता दें कि बद्रीनाथ धाम के कपाट पिछले साल 17 नवंबर को शाम 5:13 बजे शीतकाल के लिए बंद किए गए थे। श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर में विजय दशमी के दिन आयोजित भब्य धार्मिक समारोह में श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने कपाट बंद होने की घोषणा की थी।

Sources:-Hindustan

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