किसानों को आज मिलेगी सबसे बड़ी खुशखबरी, मोदी सरकार कर सकती है बड़ा ऐलान

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पटना: लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार देश के किसानों को खुश करने की कोशिश में है. इसी क्रम में आज किसानों को बड़ी सौगात देने की तैयारी है. खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को डेढ़ गुना करने पर कैबिनेट की मुहर लग सकती है. इसके बाद किसानों को उनकी लागत का 50 फीसदी ज्यादा एमएसपी मिलेगा. जानकारी के मुताबिक, आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में एमएसपी बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है. इसमें धान, दाल, सोयाबीन, मूंगफली और मक्का जैसे खरीफ फसलों पर एमएसपी तय होगी.

इस फॉर्मूले से तय होगी MSP
दरअसल, इस बार सरकार एमएसपी अनाज की लागत से 50 फीसदी ज्यादा करने पर विचार कर रही है. इसके लिए सरकार ए2+एफएल फॉर्मूला को अपनाने का प्रस्ताव लेकर आई है. ए2+एफएल फॉर्मूले के तहत फसल की बुआई पर होने वाले कुल खर्च और परिवार के सदस्यों की मजदूरी शामिल होगी. फिलहाल, बाजरा, उड़द, अरहर जैसे कुछ फसलो के लिए ये फॉर्मूला लागू है.

जमीन की कीमत नहीं होगी शामिल
फसल की पैदावार लागत में सभी तरह के खर्चे शामिल किए जाएंगे. इनमें बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरी, मशीन आदि को शामिल किया जा सकता है. उसी आधार पर एमएसपी तय किया जाएगा. हालांकि, किसान की लागत में जमीन की कीमत शामिल नहीं होगी, जिसकी सिफारिश स्वामीनाथन आयोग ने की थी.

बढ़ सकती है महंगाई
एक तरफ किसानों को खुश करने की तैयारी है. वहीं, दूसरी तरफ एमएसपी बढ़ने से महंगाई बढ़ने की आशंका है. जानकारों के मानना है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ने से ज्यादातर चीजें महंगी हो जाएंगी. इसके अलावा सरकार पर भी इसका बोझ बढ़ सकता है. विशेषज्ञों के मानना है कि अनाज और दालों के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ना तय है. होटल में भी खाना महंगा हो जाएगा. हालांकि, कृषि उत्पादन की वृद्धि कम होने के कारण एमएसपी बढ़ने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी.

तीन तरह की लागत लगती है

  • कृषि क्षेत्र की सिफारिशें देने के लिए बनी स्वामीनाथन कमीशन ने फसल की लागत को तीन हिस्सों में बांटा था.
  • पहला A2, दूसरा A2+FL और तीसरा C2 के तहत किसानों की लागत का अनुमान लगाया जाता है.
  • पहले हिस्से यानी A2 में किसानों की लागत में बीज, खाद, केमिकल, सिंचाई, ईंधन शामिल होते हैं.
  • A2+FL में किसानों की लागत में परिवार के सदस्यों की अनुमानित लागत को भी जोड़ा जाता है.
  • C2 में किसानों की लागत में फसल उत्पादन के अलावा जमीन पर लगने वाले लीज रेंट और दूसरे कृषि खर्च पर मिलने वाला ब्याज शामिल किया जाता है.

किसानों को कितना बचेगा
आंकड़ों की बात करें तो 2017-18 में गेहूं की A2+FL लागत 817 रुपए प्रति कुंतल है. अगर इसमें 50 फीसदी लागत जोड़ दी जाए तो एमएसपी 1325 रुपए प्रति कुंतल होगी. वहीं, गेहूं की C2 लागत 1256 रुपए प्रति कुंतल बैठती है और इसमें 50 फीसदी लागत जोड़ने से एमएसपी 1879 रुपए प्रति कुंतल होगी. जबकि, केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2017 में गेहूं का एमएसपी 1735 रुपए प्रति कुंतल तय किया था. अगर इस गणित को समझें तो किसान को MSP डेढ़ गुना बढ़ने के बाद भी गेहूं पर 144 रुपए प्रति कुंतल कम मिलेंगे. यानी कुल मिलाकर घाटा ही रहेगा.

Source: Zee News

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