तेजस्वी यादव को बड़ा झटका, राजद विधायक अनिल सहनी की खत्म होगी सदस्यता; LTC केस में हुई है सजा

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कुढ़नी से राजद विधायक और पूर्व सांसद अनिल सहनी की विधानसभा सदस्यता जानी तय है। दिल्ली की एक कोर्ट ने शनिवार को अनिल सहनी को यात्रा-महंगाई भत्ते की धोखाधड़ी के मामले में तीन साल कैद की सजा सुनाई है। तय प्रावधान के अनुसार उनकी विधानसभा की सदस्यता चली जाएगी।

नियमानुसार दो वर्ष से अधिक की सजा पर ही सदस्यता चली जाती है। अनिल सहनी पांचवें जनप्रतिनिधि होंगे, जिनकी विधायकी जाएगी। इसके पहले सजा पाने के कारण चार विधायकों की सदस्यता गयी है। रामनरेश यादव, राजवल्लभ यादव, इलियास हुसैन और अनंत सिंह की सजा के कारण सदस्यता गयी है। अनिल सहनी अगले छह साल तक चुनाव भी नहीं लड़े पाएंगे।

इस समय राजद विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है और उसके सदस्यों की संख्या 79 है। अनिल सहनी की सदस्यता जाने के बाद राजद विधायकों की संख्या 78 हो जाएगी। हालांकि संख्या घटने के बाद भी राजद विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनी रहेगी। दूसरी सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के विधायकों की संख्या 76 है। लिहाजा, राजद सबसे बड़ी पार्टी रहेगी। ऐसे रिक्त सीट बढ़कर तीन हो जाएगा। भाजपा के सुबाष सिंह के निधन से दूसरी सीट रिक्त हुई है।

इसके पहले अनंत सिंह की सदस्यता खत्म होने के बाद सीट रिक्त हुई थी। 14 जुलाई को विधानसभा से उनकी सदस्यता खत्म हुई। उनकी सदस्यता जाने के पहले राजद विधायकों की संख्या 80 थी। अनंत सिंह 2005 में अपने भाई दिलीप सिंह की सीट मोकामा से निर्दलीय जीते। फिर वर्ष 2005 नवंबर और 2010 में जदयू से जीते। 2015 में एक बार फिर से निर्दलीय और 2020 में राजद से चुनाव जीते। एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने एक मामले में उनको दोषी करार दिया था।

इस समय बिहार विधानसभा में दलगत स्थिति
राजद- 79
भाजपा- 76
जदयू- 45,
कांग्रेस- 19
माले- 12,
हम- 4
सीपीआई- 2
सीपीएम- 2,
एआईएमआईएम- 1
निर्दलीय- 1
रिक्त-2

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