भांजे की शादी में नहीं आ रहे साधू यादव ? तेज प्रताप की शादी में मामा वाली रस्म कौन निभायेगा?

राजनीति

घर में शादी हो तो परिवार के हर सदस्य की जिम्मेवारी बढ़ जाती है । खासकर एक रस्म के मुताबिक इमली घोटाई की रस्म में तो मामा का होना बेहद जरुरी होता है। ऐसे में तेजप्रताप यादव की शादी को लेकर उनके सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद तो उनके मामा ने दिया। लेकिन, शादी समारोह में उनके शामिल होने पर संशय बरकरार है।

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद का उनकी ससुराल पक्ष से संबंध पिछले एक दशक से बेहद तनावपूर्ण रहे हैं। धीरे-धीरे दोनों परिवारों के बीच बातचीत और आना-जाना भी बंद हो गया। बताया जाता है कि लालू प्रसाद ने खुद ही अपने साले प्रभुनाथ, साधु और सुभाष यादव के आने-जाने पर पाबंदी लगायी है। वहीं, भाइयों से नाराज राबड़ी देवी ने भी संबंध विच्छेद कर लिया।

हालांकि, लालू प्रसाद की बड़ी बेटी मीसा भारती संबंधों को एक सूत्र में पिरोने के लिए अपने भाई तेजप्रताप यादव की शादी का कार्ड लेकर अपने मामा के घर पहुंच कर निमंत्रण दिया। भांजे तेजप्रताप की शादी का निमंत्रण पाकर मामाओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।


उन्होंने उन्हें शादी की बधाई देने के साथ सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद भी दिया। वहीं मीडिया में आयी खबरों के अनुसार, तेजप्रताप यादव के मामा साधु यादव ने कहा है कि उन्हें उनके भांजे का निमंत्रण कार्ड मिला है। उन्हें बहुत खुशी है कि भांजे के सिर पर सेहरा सज रहा है।

भांजे को आशीर्वाद देते हुए उन्होंने कहा कि शादी का कार्ड परिवारावालों को नहीं भेजा जाता। वे सिर्फ एक फोन पर सूचना पाकर चले आते हैं। शादी का कार्ड मिला तो जरूर है, लेकिन आमंत्रित नहीं किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि मामा का रस्म होता है कि वह शादी के मौके पर अपनी बहन को ईमली घोंटाने का रस्म निभाता है।

मुझे नहीं मालूम कि तेज प्रताप की शादी में यह रस्म कौन निभायेगा। गौरतलब है कि मीडिया में चल रही खबरों की मानें तो लालू यादव साधु यादव से बहुत पहले से नाराज चल रहे हैं। सियासी जानकार मानते हैं कि साधु यादव की बेटी की शादी में लालू और राबड़ी का नहीं जाने का कारण आपसी मनमुटाव हो सकता है।

पहले कहा जा रहा था कि साधु यादव की बेटी की शादी में लालू यादव जरूर शामिल होंगे। शादी की कई रस्में राबड़ी देवी को निभानी थीं, इसलिए अनुमान लगाया जा रहा था कि कम से कम राबड़ी देवी शादी में जरूर पहुंचेंगी। मगर वह भी साधु यादव की बेटी की शादी में नहीं पहुंची थी। इसलिए भी मामा के तरफ से आने की संभावना कम बनती है।

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