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तीज: पति की लंबी उम्र के लिए करती हैं सुहागन शिव-पार्वती की अराधना

आस्था

 तीज का त्यौहार भारत में काफी हर्षो उल्लास के साथ मनाया जाता हैं।

तीज का त्यौहार भगवान शिव और पार्वती के पके अटूट रिश्ते का प्रतीक है। सावन में आने के कारण इसे हरियाली भी कहा जाता है।इस दिन देवी पार्वती ने भगवन शिव को वचन दिया था की वह उनकी लम्बी आयु के लिये उनके लिए निर्जल व्रत रखेंगी। उसी तरह से सभी विवाहित महिलाएं आपने पति की अर्धगोले के आकार बनाकर पार्वती माता की मूर्ति को बीच में रखकर पूजा की जाती है। फिर कथा सुनाई जाती है और दूब को गीला कर उससे विशेष तरह की पूजा की जाती है।




तीज पर मेहंदी लगाने और झूले झूलने का काफी महत्व हैं। इस समय बड़े बड़े वृक्षों की शाखाओ पर, घर की छत पर झूले लगये जाते हैं।

तीज के समय नवयुवतियां अपने हाथो में मेहंदी रचाती हैं और लोक गीतों को गाते हुए झूला झूलती हैं।नवविवाहित महिलाएं यह त्यौहार अपने मायके जाके मनाती हैं।




जिन लड़कियों की सगाई हो चुकी है उन लड़कियों को उनके ससुराल की तरफ से सिंजारा आता हैं जिसमें मेहंदी, चुड़ियां, गहने तथा घेवर शामिल होता हैं।
इस दिन विवाहिता सोलह श्रृंगार करके तथा नए वस्त्र पहनकर माता पार्वती भगवन शिव की पूजा-अर्चना करती हैं। इस त्यौहार के बारे में यह भी माना जाता हैं की जिन लड़कियों के विवाह में देरी हो रही होती हैं तो माता पार्वती के आशीर्वाद से अर्चन दूर होती है।

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