नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देगी सरकार, दूर करेगी सारी शिकायतें

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बिहार के साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिल सकता है। पिछले साल वेतनमान मिलने के बाद इसकी उम्मीद और बढ़ गई है। इसके बाद उन्हें अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह अवकाश, स्थानांतरण, एसीपी और प्रोन्नति समेत अन्य सुविधाएं मिलने लगेंगी।

9 अगस्त को शिक्षक संघों ने सेवाशर्त कमेटी के समक्ष नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग की थी। हालांकि अभी अंतिम फैसला होना है। लेकिन दो साल से लटकी नई सेवाशर्त नियमावली अगले माह यानी अक्टूबर से लागू होगी। सितम्बर तक ड्राफ्ट फाइनल हो जाएगा।

सेवाशर्त लागू होने के बाद शिक्षकों को हेडमास्टर पद पर प्रोन्नति मिलेगी। राज्य के 24 हजार स्कूलों में हेडमास्टर के पद रिक्त हैं। प्रारंभिक शिक्षकों के लिए जिला स्तर पर नियोजन इकाई बनाने की तैयारी है। ऐसा होने पर प्राथमिक शिक्षकों को गृह जिले में तबादला का मौका मिलेगा।

माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों का तबादला प्रमंडल स्तर पर संभव है। नियोजित शिक्षकों की बहाली के लिए बनी नियमावली में पूरे सेवाकाल में एक बार अपनी नियोजन इकाई के किसी स्कूल में तबादले का प्रावधान था। नई नियमावली में सेवा निरंतरता, स्थानांतरण, प्रशिक्षण, प्रोन्नति आदि के मामले शामिल हैं।

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