पढाई के साथ बेचता था चाय, नंबर देख पिता ने कहा- कुछ भी करके बेटे को IAS बनाऊंगा

कही-सुनी

वहीं, रामकिशन का कहना है, अभी तो ये शुरुआत है। आगे मैं और मेहनत करूंगा। चाय की दुकान चलाकर पापा हमलोगों का पेट पालते हैं।

बड़ा होकर मैं उनके सपनों को जरूर साकार करूंगा। उन्हें IAS बनकर दिखाऊंगा।

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