दुनिया में कोरोना एक ऐसी महामारी बनकर आई है, जिसमें कई परिवारों के बुजुर्गों, युवाओं और यहां तक कि बच्चों को भी अपना शिकार बना लिया। लेकिन भोपाल के एक परिवार पर कोरोना ने ऐसा तांडव मचाया कि तीन ही दिनों में परिवार के तीन लोग इस दुनिया से चल बसे। कोरोना का ये नया संक्रमण इतना भयानक है कि लोग इसकी जद में तेजी से आ रहे हैं। भोपाल के एक परिवार पर कोरोना की ऐसी मार पड़ी कि एक महिला ने तीन ही दिनों में अपने पति, ससुर और देवर को खो दिया। अब महिला के परिवार में कोई पुरुष नहीं बचा है, बल्कि अकेली महिला ने इन तीनों का अंतिम संस्कार किया है। 

बता दें कि शनिवार को भदभदा विश्रामघाट में कोरोना संक्रमित के 34 शव, सुभाष विश्राम घाट में 17 और झदा कब्रिस्तान में छह शव आए। इन सभी शवों का कोरोना गाइडलाइंस के तहत अंतिम संस्कार किया गया। ऐसा पहली बार हुआ है कि भोपाल जैसे शहर में एक साथ 57 शवों का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ हो।

भदभदा विश्रामघाट में जमीन को सपाटकर 30 नए चिता स्थल बनाने की तैयारी चल रही है। वहीं झदा कब्रिस्तान के अध्यक्ष ने बताया कि शवों को दफनाने के लिए अतिरिक्त गड्ढे किए जा रहे हैं। बता दें कि भदभदा विश्रामघाट में परिवार वालों ने अपने परिजनों के शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए रात-रात भर इंतजार किया है। 

Source: Amar Ujala

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