तमुरिया-निर्मली रेल लाइन पर 120 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ी ट्रायल ट्रेन, एक झलक पाने को बेताब दिखे लोग

जानकारी

झंझारपुर से सहरसा के कुपहा तक आमान परिवर्तन के तहत तमुरिया से निर्मली के बीच नवनिर्मित रेल ट्रैक पर मंगलवार को स्पीड ट्रायल किया गया। ट्रायल ट्रेन दरभंगा से तमुरिया तक आई थी। जहां नारियल फोड़ कर विधिवत पूजा भी किया गया। ट्रायल ट्रेन में एक इंजन व दो बोगी थी, जो तमुरिया और निर्मली के बीच 120 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ी।

रेल सहायक अभियंता ने बताया कि कहीं-कही 100 किमी की रफ्तार से भी चलाई गई है। लेकिन अधिकांश तौर पर 120 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेन दौड़ी है। स्पीड ट्रायल होने की खबर पर तमुरिया स्टेशन पर बड़ी संख्या स्थानीय लोग जुटे थे और 10 वर्षों के लम्बे इंतजार के बाद इस रेल खण्ड में जब दो बोगी को लेकर इंजन चली तो वे लोग खुशी से झूम उठे।

 

इस दौरान ट्रेन में झंझारपुर के पीडब्लूआई व सहायक अभियंता भी सवार थे। उन्होंने बताया कि आज केवल रेलवे ट्रैक का परीक्षण किया जा रहा है ताकि कहीं किसी तरह के गड़बड़ी हो तो उसे सुधारा जा सके। ट्रायल ट्रेन की झलक पाने के लिए तमुरिया ही नहीं बल्कि चिकना, घोघरडीहा, परसा व निर्मली स्टेशन पर भी काफी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे। 

बता दें कि मिथिलांचल को सीमांचल से जोड़ने वाला यह रेलखंड 1934 में दो हिस्सो में बंट गया था। उसके बाद दरभंगा से झंझारपुर होते हुए निर्मली तक ही छोटी गेज की ट्रेन यातायात जारी रहा। सहरसा जाने के लिए झंझारपुर, तमुरिया, घोघरडीहा व निर्मली रेल खण्ड के लोगों को दरभंगा, समस्तीपुर होकर जाना पड़ता था। झंझारपुर से सीधे निर्मली, कुपहा होकर सहरसा तक रेल नेटवर्क को जोड़ने का काम शुरू हुआ। इसी कड़ी में झंझारपुर और निर्मली के बीच मेगा ब्लॉक लेकर 2012 में आमान परिवर्तन का कार्य शुरू किया गया था। इन 10 वर्षों में पहले सकरी से झंझारपुर तक ट्रेन चलाई गई। इसके आगे निर्मली तक अभी ट्रेन सेवा बहाल होने का लोग इंतजार कर रहे हैं।

 

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