तूफान से यूपी के संभल में पूरा गांव जल कर स्वाहा, 50 से ज्यादा बच्चे लापता, प्रशासन में हड़कंप

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पटना: एनसीआर समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रविवार शाम को धूल भरी आंधी के साथ छिटपुट बारिश भी हुई। शाम साढ़े 4 बजे के आस-पास अचानक मौसम बदलने से अंधेरा छा गया और तेज हवाएं चलने लगीं। इस बीच रविवार की शाम पूरे वेस्ट यूपी में आंधी तूफ़ान ने जमकर कहर बरपाया। मुरादाबाद मंडल में सबसे ज्यादा नुकसान संभल जनपद में सामने आया है।

यहां तेज आंधी तूफ़ान के चलते रजपुरा थाना क्षेत्र के चाउपुर गांव में तूफ़ान से लगी आग में सौ से ज्यादा कच्चे घर जल कर राख हो गए। दो दर्जन से अधिक पशु इस अग्नि काण्ड में झुलस गए। जबकि पचास से अधिक बच्चों के लापता होने की सूचना है। सूचना पर कई थानों की फ़ोर्स के साथ इलाके के एसडीएम समेत फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गयीं है। हर तरफ अफरा तफरी का माहौल है।

डीएम ने पूरे जनपद में अलर्ट जारी कर दिया है। आपात सेवाओं से जुड़े सभी कर्मचारियों और अधिकारीयों को अपने अपने स्थानों पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। तूफ़ान की वजह से कितने लोगों की मौत हुई इसकी अभी अधिकारिक जानकरी नहीं मिल पायी है। जबकि गुन्नौर कोतवाली में आंधी से एक ट्रैक्टर ट्रोली पर पोल गिरने से एक की मौत और 14 लोगों के घायल होने की सूचना है। फ़िलहाल प्रशासनिक अमला चाउपुरा में राहत और बचाव कार्य जारी रखे है।

इसके अलावा, बिजनौर में तूफान की आग से गरीबो की 7 झोपड़ियां जलकर राख हो गई। थाना मण्डावर थाना क्षेत्र के विकास खंड़ की ग्राम पंचायत इच्छावाला जो कि गंगा नदी के टापू पर बसा हैं। रविवार शाम को तेज़ आंधी आने पर गांव निवासी मौसीन की बेटी ने चूल्हे की राख निकालकर छप्परनुमा झोपड़ी के पास ड़ाल दी थी। तेज़ तूफान चलने पर छप्पर पर रखी राख से उठी आग की चिंगारी से मौसीन के छप्पपरनुमा झोपड़ी में आग लग गयी । आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया । बाद में पास में खड़ी 7 झोपड़िया भी इस आग की चिंगारी से जल गई। इस तूफान से इन गरीबो के सामने अब खाने और रहने का संकट पैदा हो गया है।

 

झोपड़ियों में लगी आग से मौसीन का दस माह का बच्चा अरहान व उसके दो मवेशी, घर में रखी नगदी, एक बाइक, सहित खाने पीने और कपड़े,चारपाई सभी जलकर राख हो गयी। इस तूफानी आग से अन्य ग्रामीणो का भी इसी तरह नुकसान हुआ है। गांव में सांसद निधि से लगे चार सोलर स्ट्रीट लाईटे भी जलकर राख हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना पर आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड तक मौके पर मदद के लिये नहीं पहुँचा। ग्रामीणों ने खुद काफी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। ग्राम प्रधान गुलशनव्वर का कहना है कि सात घरों में लगी आगने से लाखों की क्षति ग्रामीणों को पहुंची हैं।

इस दौरान नोएडा-एनसीआर समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रविवार शाम को धूल भरी आंधी के साथ छिटपुट बारिश भी हुई। शाम साढ़े 4 बजे के आस-पास अचानक मौसम बदलने से अंधेरा छा गया और तेज हवाएं चलने लगीं। देखते ही देखते पूरा इलाका तेज तूफान की चमेट में आ गया। बताया जाता है कि इस दौरान 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। इस दौरान कई शहरों में जमकर तबाही हुई। नोएडा एक्सटेंशन में बाइक पर अपने बेटे के साथ जा रही रही महिला के ऊपर तेज आंधी के कारण यूनिपोल गिरने से मौके पर मौत हो गई, वहीं उसका बेटा घायल हो गया। मृतक का नाम मेहरुन्निशा बताया जा रहा है। वह हैबतपुर गांव की रहने वाली है। हादसा पैरामाउंट प्रोजेक्ट के साइट के पास हुआ। वहीं, बताया जा रहा है कि देशभर में इस तूफान से 21 लोगों की मौत हुई है।

इसके अलावा बुलंदशहर में तेज तूफान की वजह से 3 कैंटरों के साथ सड़क पर खड़े कई वाहन पलट गए। इस दौरान कैंटरों के नीचे कई कार और एक मोटर साइकिल दब गई। इस हादसे से एनएच-91 पर अफरा तफरी मची गई। इस दौरान बुलन्दशहर में आकाशीय बिजली गिरने से कई अलग-अलग जगह लग गई। इस वजह से देहात कोतवाली के सुतारी गाँव में कई घर जलकर खाक हो गए। वहीं, सिकन्द्राबाद कोतवाली क्षेत्र के बिलसुरी में बोंगे और बिटोरों में भीषण आग लग गई। लेकिन पहले अलर्ट के बावजूद जिले में कोई तैयारी नहीं थी।

घटना की सूचना के 1 घण्टे बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। आंधी आने से बुलंदशहर कलेक्ट्रेट में एनआईसी का टावर गिर गया। टावर गिरने से वकील का लेंटर टूट गया। तेज बारिश के साथ आंधी तूफान की से वाहनों की रफ्तार रुक गई। इसके बाद बुलंदशहर की मंडी चौकी क्षेत्र के गांव महराजपुर के पास तेज आंधी और बारिश के चलते पेड़ और बिजली के खंबे टूट गए, हालांकि इस दौरान कोई जन हानि नहीं खबर नहीं है।

गौरतलब है कि मौसम विभाग ने 13 और 14 मई को उत्तर प्रदेश समेत देश के 13 राज्यों में भारी आंधी-तूफान और बारिश की आसंका को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया था। इस बीच 13 मई यानी रविवार को तेज़ आंधी और तूफान से बुलन्दशहर समेत पूरे एनसीआर और यूपी के लोगों को दो चार होना पड़ा। इस दौरान आसमान में अंधेरा छा गया। जिसे देखते हुए दुकानों को बन्द कर लोग भाग खड़े हुए। इस दौरान सड़कों पर भगदड़ मच गई। एनएच-91 पर देखते ही देखते अंधेरा छा गया। इसके बाद मुसाफिरों ने सुरक्षित जगह अपने वाहन लगा दिए, जिससे आवाजाही थम गई।

वहीं, गाजियाबाद में अचानक आई धूल भरी आंधी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। जैसे ही आंधी-तूफान ने गाजियाबाद में दस्तक दी, तो लोग सुरक्षित जगह पर जाने लगे। आंधी आने से बिजली भी चली गई, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दे रखी थी कि दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों में धूल भरी आंधी और बारिश आने की आशंका है, जिसकी वजह से लोग पहले से ही सतर्क हो गए थे। इसके अलावा मेरठ में भी तेज तूफान ऐने की वजह से बिजली चली गई। इसके बाद चारों तरफ धूल का गुबार छा गया।

गौरतलब है कि 13 और 14 तारीख को मौसम विभाग के हाई अलर्ट के बीच रविवार यानी 13 मई को पश्चिमी यूपी समेत पूरे एनसीएर में धूल भरी तेज आंधी के साथ ही बारिश हुई। लेकिन प्रशासन का इंतजाम पूरी तरह बेमानी साबित हुई।

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