Sushma Verma

Sushma Verma सुषमा वर्मा को आर के श्रीवास्तवा ने सम्मानित कर उसके उज्जवल भविष्य के लिए आशिर्वाद दिया

मैथमेटिक्स गुरु आर के श्रीवास्तवा ने देश की बेटी Sushma Verma को सम्मानित किया। आर के श्रीवास्तवा ने बताया कि विलक्षण प्रतिभा के धनी सुषमा को सम्मानित कर उसके उज्जवल भविष्य के लिए आशिर्वाद देना खुद सम्मान पाने जैसा है।
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देश मे मैथमेटिक्स गुरु के नाम से मशहूर बिहार के चर्चित मैथमेटिक्स गुरु आर के श्रीवास्तवा को कौन नही जानता। जिन्होंने सैकड़ो गरीब स्टूडेंट्स को IIT , NIT, NDA, BCECE एवं अन्य engineering प्रवेश परीक्षाओं में सफलता दिलाकर उनके सपनो को पंख लगाया।

मैथमेटिक्स गुरु आर के श्रीवास्तवा ने देश की बेटी Sushma Verma को सम्मानित किया। आर के श्रीवास्तवा ने बताया कि विलक्षण प्रतिभा के धनी सुषमा को सम्मानित कर उसके उज्जवल भविष्य के लिए आशिर्वाद देना खुद सम्मान पाने जैसा है।




Limca Book Of Record Sushma Verma

मैथमेटिक्स गुरु ने बताया कि Sushma Verma की छोटी बहन अनन्या भी पढ़ने में काफी इंटेलीजेंट है। जिस उम्र मे बच्चे अपने जूते के फीता बंधना नही जानते। उस उम्र में अनन्या का दाखिला क्लास नवम मे हो गया है। आपको बताते चले कि महज 4 वर्ष के उम्र में अनन्या का नामांकन वर्ग नवम में हो गया है।

आने वाले वर्षों में यदि वह 10 वी बोर्ड पास हो जायेगी तो अपनी बहन सुषमा वर्मा का रिकॉर्ड तोड़ देगी। वैसे सुषमा वर्मा का नाम देश की सुपर नेचुरल टैलेंट मे शुमार है।जिसको वह दिन प्रतिदिन साबित भी करती जा रही है।



कौन है Sushma Verma ?

Sushma Verma का मानना है कि किसी भी इंसान की पहचान उसके काबिलियत से होती है न की उम्र से। सुषमा डॉक्टर बनना चाहती है पर अब उसे 18 साल तक इंतजार करना होगा। सुषमा का बड़ा भाई शैलेन्द्र भी मात्र 14 साल की उम्र में देश का सबसे छोटा कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट बन चुका है।

सबसे आश्चर्य बात यह है कि सुषमा ने जिस कॉलेज से ग्रेजुएशन पास की है उसी कॉलेज में उसके पिता तेज बहादुर सफाई कर्मचारी हैं। पर सुषमा को इस बात का गर्व है। प्रतिभा किसी की मोहताज नही होती है वो अपने लिए मौका और रास्ता अपने आप खोज लेती है. इसी प्रतिभा की धनी लखनऊ की सुषमा वर्मा ने भी कम उम्र में ही अपने भविष्य का रास्ता खोज लिया था. सुषमा महज 17 साल की उम्र में पीएचडी कर रही हैं, जो अपने आप में एक मिसाल है.




17 साल की जिस उम्र में दूसरे बच्चे ग्रेजुएशन में दाखिले के लिए यूनिवर्सिटी और कॉलेज की तलाश कर रहे होते हैं उसी उम्र में लखनऊ की Sushma Verma बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रही हैं. बचपन से ही पढ़ाई में होनहार सुषमा वर्मा पीएचडी कर रहीं देश की सबसे युवा छात्रा भी हैं. सुषमा अपनी पीएचडी को लेकर बेहद उत्साहित हैं.

सुषमा कितनी मेधावी छात्रा हैं इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि उनका 2005 में सिर्फ 5 साल की उम्र में 9वीं में दाखिला हुआ. 2007 में 7 साल की उम्र में 10वीं पास की. सबसे कम उम्र में 10वीं पास करने पर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने नाम दर्ज हुआ. इसके बाद 2015 में सुषमा ने माइक्रो बायोलॉजी में एमएससी में टॉप किया और अब एनवायरमेंट माइक्रोबायॉलजी में पीएचडी कर रही हैं.




सुषमा के पिता तेज बहादुर इसी यूनिवर्सिटी में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करते हैं और फिलहाल सहायक सुपरवाइजर हैं, जबकि मां छाया देवी गृहिणी हैं. पिता गर्व से कहते हैं कि उनके तीनों बच्चे होनहार हैं. बड़ा बेटा इंजीनियर बन गया है और बेटी सुषमा पीएचडी के बाद डॉक्टर कहलाएगीं जबकि छोटी बेटी भी पढ़ने में तेज हैं. तेज बहादुर का कहना है कि कभी उन्होंने बेटा-बेटी में फर्क नहीं समझा और यही कारण है कि उनके बच्चे कीर्तिमान बना रहे है

Sushma Verma की प्रोफेसर भी उसकी अनोखी प्रतिभा के कायल हैं और उसकी तारीफ करते नहीं थकते हैं. एक ऐसी बच्ची जिसकी तारीफ दुनिया करती है. उसके साथ काम करना यहां के प्रोफेसर भी अपना गौरव मानते है एन्वाइरन्मेंट माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डीन प्रोफेसर रामचंद्र के मुताबिक वो (सुषमा) ज्यादा मेहनत करती है. बहुत सिंसियर है. मन से लगातार सोचती है. समय पर आना-जाना और लगातार प्रयास करना विशेष गुण है, वो और बच्चों से बेहतर करती है.




एन्वाइरन्मेंट माइक्रोबायोलॉजी की यूनिवर्सिटी रिसर्च प्रवेश परीक्षा में सुषमा 7वें स्थान पर रही थीं. उसकी इस प्रतिभा के देखते हुए ही यूनिवर्सिटी ने उसे पीएचडी में दाखिला दिया था और अगर सुषमा पीएचडी को कम उम्र में पूरा करती हैं तो वो भी एक मिसाल होगी.



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